साप्ताहिक समीक्षा-धनिया
04-Oct-2025 07:58 PM
धनिया के भाव मजबूत : मंदे की संभावना नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हालांकि धनिया का हाजिर व्यापार कम रहा लेकिन वायदा के मजबूत समाचारों के कारण भाव मजबूती के साथ बोले गए। धारणा बाजार में मंदे की नहीं है। क्योंकि उत्पादकों के पास स्टॉक कम रह जाने के कारण मंडियों में आवक घट रही है। जबकि दीपावली पर्व समाप्त हो जाने के पश्चात विवाह-शादी का सीजन शुरू हो जाएगा। उस स्थिति में लोकल बाजारों में लिवाली का समर्थन बढ़ने के अनुमान है। चालू सप्ताह के दौरान वायदा बाजार में भी धनिया के दाम तेजी के साथ बोले गए। अक्टूबर माह का वायदा 8300 रुपए खुलने के पश्चात 8400 रुपए पर बंद हुआ। जबकि दिसम्बर माह का वायदा सप्ताह अंत में 8450 रुपए पर बंद हुआ।
आवक कम
जानकारों का कहना है कि कुल उत्पादन का लगभग 70/75 प्रतिशत माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में दैनिक आवक घटने लगी है। वर्तमान में गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक घटकर 4 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में 2000/2500 बोरी एवं बारां 1000/1500 बोरी की रह गई है। मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में आवक 3/4 हजार बोरी के अलावा कुम्भराज में आवक 1000/1200 बोरी की हो रही। अन्य मंडियों में आवक 800/1000 बोरी की चल रही है।
बिजाई अनुमान
चालू माह के अंत तक उत्पादक केन्द्रों पर धनिया बिजाई का कार्य शुरू हो जाने की संभावना है। लेकिन चालू सीजन के दौरान उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है दूसरे वर्ष भी धनिया के बिजाई क्षेत्रफल में कमी आ सकती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश में धनिया की बिजाई 3.37 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जबकि वर्ष 2024 में धनिया का बिजाई क्षेत्रफल 3.64 लाख हेक्टेयर का रहा था। बिजाई घटने के कारण चालू सीजन के दौरान देश में धनिया उत्पादन लगभग 1 करोड़ बोरी के आसपास माना गया था। जबकि गत वर्ष पैदावार 1.10 करोड़ बोरी की मानी गई थी।
मंदा-तेजी
धनिया की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि आगामी दिनों में मंडियों में धनिया की आवक सामान्य बनी रहेगी। जबकि लोकल एवं निर्यात मांग में सुधार होगा। जिस कारण से संभावना व्यक्त की जा रही है कि अक्टूबर-नवम्बर माह के दौरान धनिया के भाव 5/8 रुपए प्रति किलो तक बढ़ने चाहिए। वर्तमान में मंडियों में धनिया ईगल के भाव 70/74 रुपए एवं बादामी का भाव 68/70 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है।
मांग एवं उपलब्धता
चालू सीजन के दौरान खपत की तुलना में धनिया की उपलब्धता कम रहेगी। सूत्रों का कहना है कि नई फसल के समय उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया का स्टॉक 35/40 लाख बोरी का माना गया था जबकि नई पैदावार लगभग 1 करोड़ की रही। जिस कारण से कुल उपलब्धता 1.35/1.40 करोड़ बोरी की रहेगी। जबकि मांग एवं निर्यात को मिलाकर लगभग 1.50/1.60 करोड़ बोरी की उपलब्धता होती है। उल्लेखनीय है कि दूसरे वर्ष भी देश में पैदावार घटने के कारण आगामी सीजन पर धनिया का स्टॉक काफी कम रह जाएगा।
निर्यात
हालांकि वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया निर्यात में अच्छी गिरावट दर्ज की गई। लेकिन चालू सीजन वर्ष 2025-26 के प्रथम चार माह में धनिया का निर्यात जुलाई में 11 प्रतिशत अधिक हुआ है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जुलाई- 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 23447 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 238.29 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-जुलाई- 2024 के दौरान निर्यात 21075 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 216.06 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय 633.20 करोड़ रुपए की रही। जबकि वर्ष 2023-24 के दौरान 108624 टन का निर्यात किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय 948.27 करोड़ की रही थी।
