साप्ताहिक समीक्षा-धनिया

07-Dec-2024 07:49 PM

क्या धनिया 2022 का इतिहास दोहराएगा 2025 में ?

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान उत्पादकों को धनिया के आकर्षक भाव न मिलने के कारण दूसरे वर्ष भी प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में धनिया की बिजाई घटने के समाचार मिल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसानों को गेहूं, चना, लहसुन की अधिक कीमतें मिलने के कारण इस वर्ष किसानों ने धनिया के बिजाई क्षेत्रफल में कटौती की है। व्यापारियों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान देश में धनिया की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 20/30 प्रतिशत कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मार्च 2024 में सम्पन्न हुआ मसाला सेमिनार में फिस्स द्वारा बिजाई का आंकड़ा 3.64 लाख हेक्टेयर का जारी किया गया था जबकि वर्ष 2023 में बिजाई का क्षेत्रफल 4.95 लाख हेक्टेयर का रहा था। 
उत्पादन अनुमान 
फिस्स द्वारा मार्च सेमिनार में 2024 में धनिया उत्पादन का कुल उत्पादन 1.15 करोड़ बोरी लगाया गया था जबकि वर्ष 2023 में उत्पादन 1.62 करोड़ बोरी का रहा था। वर्ष 2022 में व्यापारिक उत्पादन अनुमान 80/85 लाख बोरी के जारी किए गए थे। उत्पादक केन्द्रों से अभी तक रहे बिजाई के अनुमान को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2025 में धनिया का उत्पादन 75/80 लाख तक ही सीमित रहेगा। बशर्ते बिजाई के पश्चात मौसम फसल के अनुकूल रहे।
वर्ष 2022 
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 के दौरान देश में धनिया का उत्पादन कम होने के कारण नई फसल के समय ही व्यापारिक मनोवृत्ति बाजार में तेजी की बन गयी थी। और अप्रैल - 2022 में मंडियों में ईगल क्वालिटी धनिया का भाव 118/122 रुपए एवं बादामी क्वालिटी का भाव 105/115 रुपए के स्तर पर बोला जाने लगा था। और व्यापारियों ने इन भावों पर स्टॉक भी किया जोकि घाटे का सौदा साबित हुआ। क्योंकि आयातकों ने रूस, बुल्गारिया से रिकॉर्ड धनिया का आयात किया जिस कारण से धनिया की कीमतों में तेजी नहीं बन पाई। सूत्रों के कहना है कि अभी तक की स्थिति को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2025 में धनिया 2022 का स्तर पार कर सकता है। 
मंदा नहीं 
जानकार सूत्रों का कहना है कि धनिया की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में रमजान की मांग निकलने पर कीमतों में तेजी संभव है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष रूस में भी धनिया उत्पादन कम रहने के समाचार मिल रहे है। जिस कारण से हाल फिलहाल आयात की भी कोई संभावना नहीं है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर ईगल क्वालिटी का भाव 72/75 रुपए एवं बादामी का भाव 65/70 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि नई फसल आने से पूर्व वर्तमान भावों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी संभव हो। आगामी वर्ष में नई फसल के भाव भी ऊंचे खुलने की संभावना है। इस वर्ष बिजाई में 15/20 दिन का विलम्ब होने के कारण नए मालों की आवक भी देरी से शुरू होगी। इसके अलावा बकाया स्टॉक भी गत वर्ष की तुलना में कम रहेगा।
आयात 
हालांकि देश में धनिया की पैदावार पर्याप्त होती है लेकिन इसके बावजूद आयातक विदेशों से धनिया का आयात करते हैं विदेशी मालों की क्वालिटी हल्की होने के कारण आयातित माल की खपत मिक्सिंग में होती है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 के दौरान देश में धनिया का रिकॉर्ड आयात किया गया। और आयात की मात्रा 31383टन की रही। जबकि वर्ष 2020-21 में आयात केवल 8777 टन का हुआ था। वर्ष 2023-24 में आयात 28828 टन का हुआ। 
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2024-25 के प्रथम छह माह में एक ओर जहां धनिया निर्यात में 59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वही निर्यात से प्राप्त आय में भी 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितम्बर- 2024 के दौरान धनिया का निर्यात 29660.74 टन का हुआ और प्राप्त आय 309.40 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष अप्रैल-सितम्बर- 2023 के दौरान धनिया निर्यात 71931.43 टन का हुआ था और निर्यात रुपए प्राप्त आय 592.27 करोड़ रुपए की रही थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के दौरान धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का  रहा था।