सरसों की बिजाई कम होने से तिलहनों के क्षेत्रफल में 4 लाख हेक्टेयर से अधिक की गिरावट

28-Jan-2025 08:46 PM

नई दिल्ली । चालू रबी सीजन में सबसे ज्यादा गिरावट तिलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में आई है और तिलहन फसलों में भी सरसों का रकबा सबसे ज्यादा घटा है जबकि वह रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल है।

हालांकि सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2023-24 सीजन के 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन इससे किसानों के उत्साह एवं आकर्षण में  बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी। अन्य तिलहनों के रकबे में भी घट बढ़ देखी गई। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन के दौरान तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र घटकर 98.18 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो पिछले साल के 102.52 हेक्टेयर से 4.34 लाख हेक्टेयर कम है।

इसके तहत खासकर सरसों रेपसीड का बिजाई क्षेत्र 93.73 लाख हेक्टेयर से घटकर 89.50 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जबकि इसकी बिजाई पहले ही समाप्त हो चुकी है और अगैती फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी तथा मंडियों में आपूर्ति जल्दी की शुरू होने वाली है। 

पिछले सीजन की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 3.42 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन अलसी का उत्पादन क्षेत्र 3.32 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.07 लाख हेक्टेयर तिल का बिजाई क्षेत्र 52 हजार हेक्टेयर से गिरकर 34 हजार हेक्टेयर तथा सैफ्लावर का रकबा 77 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 71 हजार हेक्टेयर रह गया।

विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों एक विशाल आयात होने के करीब घरेलू प्रभाग में तिलहन के दाम पर दबाव देखा जा रहा है।