सीसीआई द्वारा 67 लाख गांठ से अधिक रूई की बिक्री
15-Jul-2025 10:47 AM
मुम्बई। केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के अपने स्टॉक से 11 जुलाई 2025 तक 67 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) रूई की बिक्री करने में सफलता हासिल हो चुकी है।
दरअसल कॉटन टेक्सटाइल मिलों की मांग मजबूत होने तथा व्यापारियों-स्टॉकिस्टों के पास माल का स्टॉक घट जाने से निगम को अपनी रूई बेचने में आसानी हो रही है। घरेलू प्रभाग में कपास की आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है और आगामी नई फसल के लिए इसकी जोरदार बिजाई हो रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार निगम द्वारा 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर लगभग 100 लाख (एक करोड़) गांठ कपास की खरीद की गई थी जिसमें से 67.09 लाख गांठ की बिक्री 11 जुलाई 2025 तक हो गई। अब उसके पास करीब 33 लाख गांठ का स्टॉक मौजूद है।
हाल के दिनों में कॉटन मिलर्स एवं व्यापारियों द्वारा निगम से रूई खरीदने में अच्छी दिलचस्पी दिखाई गई है। रूई की मांग मजबूत बनी हुई है। विदेशों से भी भारी मात्रा में इसका आयात हो रहा है।
चूंकि वर्तमान समय में केवल सीसीआई के साथ ही रूई का भारी-भरकम स्टॉक उपलब्ध है इसलिए खरीदार काफी हद तक उस पर निर्भर हो गए हैं। ऑल इंडिया कॉटन ब्रोकर्स एसोसिएशन के अनुसार रूई की अच्छी मांग बनी हुई है और अक्टूबर में नई फसल की आवक शुरू होने तक मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।
किसानों एवं व्यापारियों के पास इसका सीमित स्टॉक बचा हुआ है और मंडियों में कपास की आवक कम हो रही है। दूसरी ओर अपने स्टॉक को आकर्षक बनाने के लिए निगम ने रूई के बिक्री मूल्य को घटा दिया था मगर जब इसकी मांग मजबूत हो गई तब उसने दाम बढ़ाना शुरू कर दिया।
स्पिनिंग इकाइयों के साथ-साथ व्यापारियों द्वारा कपास की भारी खरीद की जा रही है। रूई का भाव पहले 55000/55500 रुपये प्रति कैंडी (356 किलो) से बढ़कर अब 57000 रुपए प्रति कैंडी पर पहुंच गया है।
