संशोधित वोप्पा आदेश के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशाला का आयोजन

13-Nov-2025 11:06 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा संशोधित वैजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट्स प्रोडक्शन एंड अवेलेबिलिटी (रेग्युलेशन) आर्डर, 2025 (वोप्पा आदेश) को अधिसूचित कर दिया गया है जिससे खाद्य तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

इसका उद्देश्य सम्पूर्ण खाद्य तेल उद्योग में पारदर्शिता लाना, आंकड़ों का सटीक संगठन करना और नियमित रूप से निगरानी सुनिश्चित करना है। 

इस वोप्पा आदेश को व्यापक एवं बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। निर्बाध एवं सरल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि उद्योग को अपना विवरण जमा करने के तौर-तरीकों की पूरी जानकारी प्रदान की जा सके।

वोप्पा आदेश के तहत तिलहन-तेल की क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों को अपने उत्पादन, विपणन एवं स्टॉक का मासिक ब्यौरा सरकार को उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है ताकि सरकार को देश में खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की नवीनतम जानकारी मिलती रहे और इसके आधार पर विदेशों से आयात की आवश्यकता का पता लगाया जा सके। 

दरअसल भारत लम्बे समय से दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश बना हुआ है। यहां खाद्य तेलों का सामान्य आयात 150-160 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच चुका है जिस पर भारी-भरकम बहुमूल्य विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है।

अक्सर कहा जाता है कि देश में जरूरत से ज्यादा सस्ते खाद्य तेलों का आयात होने से स्वदेशी किसानों को तिलहन का उत्पादन बढ़ाने का समुचित प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है।

खाद्य विभाग अब देश के प्रमुख नगरों में क्षमता निर्माण कार्यशालाओं की एक शृंखला राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कर रहा है जिसमें खाद्य तेलों की प्रोसेसिंग इकाइयों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

इस शृंखला की पहली कार्यशाला 15 नवम्बर 2025 को मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के ऑडिटोरियम में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।