सात महीनों में चावल का निर्यात करीब 10 प्रतिशत घटा
06-Dec-2024 03:28 PM
नई दिल्ली । आधिकारिक आंकड़ों से ज्ञात होता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के शुरूआती सात महीनों में देश से चावल के निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आ गई जिसका कारण सफेद चावल के शिपमेंट पर लम्बे समय तक प्रतिबंध लागू रहना माना जाता है।
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के आरंभिक सात महीनों में यानी अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान देश से कुल मिलाकर 90,12,568 टन चावल का निर्यात हुआ जो पिछले साल के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 99,26,204 टन से 9,13,636 टन का लगभग 10 प्रतिशत कम रहा।
हालांकि समीक्षाधीन अवधि के दौरान बासमती चावल का निर्यात 26,08,444 टन से 6,35,167 टन बढ़कर 32,43,611 टन पर पहुंचा मगर गैर बासमती चावल का शिपमेंट 73,17,760 टन से 15,48,803 टन घटकर 57,68,957 टन पर अटक गया।
जुलाई 2023 में सरकार ने गैर बासमती सफेद चावल के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था मगर अप्रैल-जून 2023 की तिमाही में इसका शिपमेंट जारी था।
निर्यात पर लगी पाबंदी अगस्त 2024 तक जारी रही और सितम्बर में इसे हटाने का निर्णय लिया गया। अब इसके शिपमेंट में शानदार बढ़ोत्तरी होने लगी है।
इसी तरह सेला चावल पर लगे 20 प्रतिशत के निर्यात शुल्क को भी समाप्त कर दिया गया है। इसके फलस्वरूप नवम्बर 2024 से मार्च 2025 तक चावल का निर्यात तेजी से बढ़ने के आसार हैं जिससे पूरे वित्त वर्ष का शिपमेंट 2023-24 से आगे निकल सकता है।
