सितम्बर की बाढ़ से महाराष्ट्र में 68.69 लाख हेक्टेयर से खरीफ फसलें क्षतिग्रस्त
08-Oct-2025 09:33 PM
मुम्बई। अगस्त-सितम्बर की जोरदार बारिश एवं विनाशकारी बाढ़ से महाराष्ट्र में 68.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों के क्षतिग्रस्त या बर्बाद होने का अनुमान लगाया गया है। इसके तहत खासकर मराठवाड़ा संभाग एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न फसलों को जबरदस्त हानि हुई है।
महाराष्ट्र सरकार केन्द्र के पास भेजने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रही है जिसमें बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए वित्तीय सहायता की मांग की जाएगी।
राहत एवं पुर्नवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विनाशकारी बाढ़ से फसलों के साथ-साथ कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तथा दोनों उप मुख्यमंत्रियों की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में वित्तीय सहायता के प्रस्ताव पर गम्भीरतापूर्वक विचार विमर्श किया गया।
सरकार का कहना है कि मराठवाड़ा संभाग में बाढ़-वर्षा से खरीफ फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। वहां खेत तथा आवासीय परिसर जल मग्न हो गए।
इसी तरह का नुकसान विदर्भ संभाग के कुछ क्षेत्रों एवं पश्चिमी महाराष्ट्र में भी देखा गया। महाराष्ट्र में इस बार खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 1450 लाख हेक्टेयर से करीब रहा जिसमें से करीब 69 लाख हेक्टेयर में फसलों के चौपट होने की आशंका है।
महाराष्ट्र में जिन जिलों में खरीफ फसलों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है उसमें बीड, नांदेड, यवतमाल, छत्रपति संभाजी नगर, लातूर, सोलापुर, धाराशिव, जालना, परभणी, बुलढाणा, हिंगोली, नासिक, वाशिम एवं धुले आदि शामिल हैं। इन जिलों में 3 से 7 लाख हेक्टेयर के बीच फसलें बर्बाद हुई हैं।
किसान संगठनों द्वारा सरकार से 50,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजे की जोरदार मांग की जा रही है। कुछ सांसद भी सरकार से आपदा की इस घड़ी में किसानों को भरपूर सहयोग सहायता देने तथा कर्ज माफी की घोषणा करने का आग्रह कर रहे हैं।
राहत और पुनर्वास विभाग भी किसानों की मदद का प्रयास कर रहा है। विनाशकारी बाढ़ से सिंचाई उपकरण भी नष्ट हो गए या बाढ़ के पानी के साथ बह गए। इससे किसानों को भारी कठिनाई हो रही है।
