सितम्बर का मौसम खरीफ फसलों के लिए निर्णायक साबित होगा

10-Sep-2024 01:14 PM

नई दिल्ली । देश के अधिकांश क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बिजाई समाप्त हो चुकी है और तमाम फसलें अब प्रगति के विभिन्न चरणों में है। सितम्बर का इन फसलों के लिए निर्णायक साबित होने वाला है।

चालू माह के दौरान भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता कई राज्यों में बनी हुई है जिससे वहां भारी वर्षा का दौर जारी है।

अनेक क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा, भयंकर बाढ़ तथा खेतों में जल जमाव के कारण खरीफ फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है जबकि आगे और क्षति होने की आशंका है।

बेशक पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर शानदार उत्पादन के लिए मौसम एवं मानसूनी वर्षा का अनुकूल होना आवश्यक है।

मौसम विभाग ने जुलाई तथा अगस्त की भांति सितम्बर में भी सामान्य औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। यदि ऐसा हुआ तो खरीफ फसलों की उपज दर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। 

हाल की भारी वर्षा से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा गुजरात सहित कुछ अन्य राज्यों में भयंकर बाढ़ आ गई जिससे फसलों को क्षति हुई है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

लेकिन इतना निश्चित है कि वहां उत्पादन में गिरावट आ जाएगी। इसके अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान जैसे प्रांतों के भी कई भागों में आई भयंकर बाढ़ से फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

जानकारों का कहना है कि बिजाई क्षेत्र में वृद्धि होने के बावजूद अभी खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर होना निश्चित नहीं लगता है क्योंकि वर्षा एवं बाढ़ का प्रकोप फिलहाल बरकरार है और फसलों पर खतरा बना हुआ है।