सोयाबीन के लुढ़कते भाव से चिंतित किसानों ने सरकार से लगाई गुहार

11-Sep-2024 01:38 PM

लातूर । हालांकि केन्द्र सरकार ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन हेतु सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 4892 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है

जो पिछले सीजन के 4600 रुपए प्रति क्विंटल से 292 रुपए या 6.3 प्रतिशत ज्यादा है मगर महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों में इसका भाव घटकर 2800 से 4400 रुपए प्रति क्विंटल के बीच आ गया है। इससे किसान बेहद चिंतित एवं परेशान हैं और सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं। 

महाराष्ट्र के सोयाबीन का भाव हिंगनघाट में 2800 रुपए तथा लासलगांव विंचुर में 3000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है।

यद्यपि इसका दाम बढ़कर लातूर में 4800 रुपए तथा सांगली में 5200 रुपए प्रति क्विंटल के उच्च स्तर पर पहुंच गया लेकिन अधिकांश मंडियों में मॉडल भाव अब अभी एमएसपी से काफी नीचे चल रहा है।

समझा जाता है कि अधिक नमी वाले माल का दाम बहुत नीचे आ गया है। सोयाबीन का मॉडल मूल्य 4000 से 4600 रुपए प्रति क्विंटल के बीच आ गया है।

यह मॉडल मूल्य पिछले दिन लातूर में 4650 रुपए प्रति क्विंटल तथा अमरावती में 4445 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। 

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री के अनुसार केन्द्र सरकार ने 90 दिनों के लिए राज्य में सोयाबीन का क्रय केन्द्र खोलने की मंजूरी दी है ताकि किसानों से एमएसपी पर इस तिलहन फसल की खरीद की जा सके।

एमएसपी पर उड़द की खरीद भी की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार केन्द्र पर खाद्य तेल, सोया मिल्क तथा सोया केक पर आयात शुल्क बढ़ाने के लिए भी दबाव डाल रही है।

दूसरी ओर सोयाबीन के निर्यात पर 50 डॉलर प्रति टन की सब्सिडी देने की मांग की गई है। इससे वहां किसानों को काफी राहत मिल रही है।