सोयामील के निर्यात में गिरावट की आशंका से उद्योग चिंतित
13-Nov-2025 11:34 AM
इंदौर। एक अग्रणी उद्योग संगठन- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने खरीफ सीजन की महत्वपूर्ण तिलहन फसल सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 125.87 लाख टन से 16.3 प्रतिशत या 20.51 लाख टन घटकर 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 105.36 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है जिससे सोयामील के उत्पादन एवं स्टॉक में कमी आ सकती है।
हालांकि उत्पादन घटने के बावजूद सोयाबीन का घरेलू बाजार भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है और सोयामील की कीमतों में भी ज्यादा तेजी नहीं देखी जा रही है क्योंकि इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर है लेकिन इसके बावजूद भारतीय सोया डीओसी का निर्यात ऑफर मूल्य अर्जेन्टीना, ब्राजील एवं अमरीका जैसे शीर्ष निर्यातक देशों की तुलना में काफी हद तक गैर प्रतिस्पर्धी बना हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान भारत से 20.23 लाख टन सोयामील का शानदार निर्यात हुआ जबकि 2025-26 के मौजूदा सीजन में निर्यात तेजी से घटने की संभावना है। अन्य निर्यातक देशों के मुकाबले भारतीय सोयामील का निर्यात ऑफर मूल्य अब भी 50-60 डॉलर प्रति टन ऊंचा चल रहा है।
भारतीय सोयाबीन प्रोसेसिंग उद्योग की चिंता घरेलू मोर्चे पर भी बढ़ रही है क्योंकि पशु आहार एवं पोल्ट्री फीड निर्माण में डिस्टीलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सोल्यूबल्स (डीडीजीएस) का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसका उत्पादन अनाज और खासकर मक्का से होता है।
इसके फलस्वरूप सोयामील की घरेलू मांग एवं खपत प्रभावित होने की आशंका है। इस तरह घरेलू एवं वैश्विक बाजार में सोयामील की खपत कम होने से उद्योग को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
