SEA ने CPO और RBD पामोलीन के आयात शुल्क में 15% का अंतर करने को कहा
25-Apr-2025 05:35 PM
SEA ने CPO और RBD पामोलीन के आयात शुल्क में 15% का अंतर करने को कहा
★ SEA ने एक पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से आग्रह किया है कि यदि CPO और RBD Palmolein के बीच शुल्क अंतर 15% तक बढ़ाया जाता है, तो घरेलू रिफाइनरियों को लाभ मिलेगा और वे प्रतिस्पर्धा में बने रह सकेंगी।
★ वर्तमान में कच्चे और रिफाइंड तेल पर आयात शुल्क के बीच का अंतर बहुत कम है — जिससे विदेशी रिफाइंड तेल भारत में सस्ते दामों पर उपलब्ध होता है।
★ इसका सीधा असर घरेलू रिफाइनिंग प्लांट्स पर पड़ता है, जो पहले से ही उच्च उत्पादन लागत और सीमित मार्जिन की समस्या से जूझ रहे हैं।
★ घरेलू रिफाइनरियां अपनी उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पा रही हैं। लागत बढ़ रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से कीमतें गिर रही हैं।
★ रोज़गार पर भी संकट बढ़ रहा है क्योंकि कई छोटी रिफाइनरियां बंद होने की कगार पर हैं।
SEA की मांगें:
1. CPO और RBD Palmolein के बीच आयात शुल्क का अंतर बढ़ाकर 15% किया जाए।
2. नीति निर्धारण में घरेलू उद्योग के हितों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उपभोक्ता और किसान दोनों का हित सुरक्षित रहे।
3. सरकार द्वारा समय-समय पर शुल्क की समीक्षा की जाए ताकि बाजार स्थिर रह सके।
★ SEA ने कहा कि सरकार को अब यह तय करना होगा कि वह केवल सस्ते आयात पर निर्भर रहना चाहती है या फिर घरेलू उत्पादन और रिफाइनिंग को सशक्त बनाकर दीर्घकालिक समाधान की ओर बढ़ेगी।
