श्री अन्न सहित मोटे अनाजों के बिजाई क्षेत्र में 70 हजार हेक्टेयर का इजाफा
10-Dec-2024 01:33 PM
नई दिल्ली । पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र कुछ आगे हो गया है जिसमें मुख्यत: ज्वार का योगदान है। बाजरा, रागी एवं मक्का का क्षेत्रफल गत वर्ष के लगभग बराबर ही है जबकि जौ का रकबा कुछ घट गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार रबी कालीन मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार सुधरकर 35.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 35.10 लाख हेक्टेयर से 70 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।
वैसे श्री अन्न सहित मोटे अनाजों का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल इस बार 53.82 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके मुकाबले वास्तविक बिजाई अभी कम क्षेत्र में हुई है।
पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 18.32 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 19.38 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 10.05 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 10.07 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है।
स्मॉल मिलेट्स की खेती 13 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि गत वर्ष इस समय तक शुरू भी नहीं हुई थी। बाजरा का बिजाई क्षेत्र 10 हजार हेक्टेयर तथा रागी का रकबा 45 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल के बराबर ही है।
केवल जौ का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 6.15 लाख हेक्टेयर से गिरकर इस बार 5.65 लाख हेक्टेयर रह गया है लेकिन फिर भी सामान्य औसत क्षेत्रफल 5.63 लाख हेक्टेयर से आगे है।
मक्का का सामान्य औसत क्षेत्रफल 22.11 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है जबकि इसकी बिजाई 10 लाख हेक्टेयर से कुछ अधिक क्षेत्रफल में ही हो सकी है।
बिहार में खरीफ कालीन फसलों की कटाई जोर पकड़ने लगी है जिससे रबी कालीन मक्का की बिजाई की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।
ज्ञात हो कि रबी सीजन के दौरान मक्का का सर्वाधिक उत्पादन बिहार में तथा जौ का सबसे ज्यादा उत्पादन राजस्थान में होता है। ज्वार, मक्का एवं जौ रबी सीजन के मुख्य मोटे अनाज हैं।
