Home News
21-Oct-2026 04:59 PM
मुम्बई। घरेलू बाजार में मौजूद सकारात्मक धारणा तथा भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग- समर्थन के सहारे भारतीय रुपया आरम्भिक कारोबार के दौरान अमरीकी डॉलर की तुलना में 29 पैसे मजबूत हो गया।
इससे 1 डॉलर का मूल्य घटकर 94.62 रुपए पर आ गया। रुपए की मजबूती से विदेशी वस्तुओं के आयात का खर्च घटता है जबकि भारतीय उत्पादों के निर्यात से होने वाली आमदनी बढ़ जाती है। लेकिन रुपया के मजबूत होने से भारतीय उत्पादों की खरीद के प्रति विदेशी आयातकों की दिलचस्पी घट जाती है।
मुद्रा बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि एक अग्रणी कम्पनी का आईपीओ सार्वजनिक खरीद के लिए जारी होने से बाहर से देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ गया जिससे रुपया को मजबूती प्राप्त हुई।
लेकिन क्रूड खनिज तेल की कीमतों में हुई वृद्धि तथा अमरीकी डॉलर की मजबूती के कारण रुपया की विनिमय दर में सीमित सुधार ही आ सका। इंटर बैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 94.78 के अंक पर खुला और मजबूत होते हुए 94.62 के अंक पर आया।