श्रीलंका में 70 हजार टन चावल के आयात के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

22-Nov-2024 04:01 PM

कोलम्बो । श्रीलंका के केन्द्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने 70 हजार टन चावल के आयात के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उसके घरेलू प्रभाग में चावल का अभाव महसूस किया जा रहा है और इसके दाम में इजाफा हो रहा है।

इसे देखते हुए सरकार ने समस्या के अल्पकालीन समाधान के तौर पर 70 हजार टन चावल मंगाने का निर्णय लिया है। व्यापार, वाणिज्य एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री के अनुसार 15 दिसम्बर तक इस चावल का आयात करके उसे बाजार के लिए जारी कर दिया जाएगा। 

खाद्य सुरक्षा मंत्री के मुताबिक इस 70 हजार टन चावल का आयात दो सरकारी व्यापरिक कंपनियों- लंका सतोसा तथा श्रीलंका स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाएगा।

खाद्य मंत्री का कहना था कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान देश में चावल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं का कोई अभाव न रहे और आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। 

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ सप्ताहो से श्रीलंका में सामान्य श्रेणी के साथ-साथ लोकप्रिय नाड़ु चावल का अभाव महसूस किया जा रहा है जिससे इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है।

आमतौर पर श्रीलंका में चावल का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने लायक हो जाता है लेकिन कभी-कभार वहां भारी वर्षा, बाढ़ एवं समुद्री चक्रवाती तूफान से धान की फसल को नुकसान होने पर चावल के आयात की आवश्यकता महसूस होने लगती है इसलिए इसे विदेशों से मंगाना पड़ता है।

श्रीलंका में मुख्यत: भारत और पाकिस्तान से चावल के आयात को प्राथमिकता दी जाती है। चूंकि भारत में चावल का पर्याप्त निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद है और इसका दाम भी प्रतिस्पर्धी स्तर पर बरकरार है

इसलिए श्रीलंका की सरकारी एजेंसियां यहां से चावल मंगा सकती है। भारत के दक्षिणी राज्यों से चावल की खेपों को श्रीलंका पहुंचने में ज्यादा समय भी नहीं लगेगा।