तेलंगाना में कपास की खरीद के लिए तत्काल क्रय केन्द्र खोलने का आग्रह
17-Oct-2024 11:02 AM
हैदराबाद । दक्षिणी राज्य- तेलंगाना में कपास के नए माल की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन मंडियों में भाव नीचे होने से उत्पादकों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
किसानों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए राज्य के एक पूर्व मंत्री ने केन्द्रीय एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से तत्काल किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद शुरू करने तथा क्रय केन्द्र खोलने का आग्रह किया है।
पूर्व मंत्री का कहना था कि गुजरात में कपास उत्पादकों को समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाया जा रहा है और इसका दायरा तेलंगाना तक बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि यहां भी कपास का भाव काफी नीचे चल रहा है। तेलंगाना में सीआई द्वारा अब तक क्रय केन्द्र नहीं खोलना हैरानी की बात है।
पूर्व मंत्री के मुताबिक बारिश का दौर जारी रहने से तेलंगाना के किसानों को अपनी कपास के स्टॉक का सुरक्षित भंडारण करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है और राज्य सरकार ने सीसीआई के लिए क्रय केन्द्र नहीं खोला है।
इससे बिचौलिए भारी फायदा उठा रहे हैं जबकि किसानों को काफी घाटा हो रहा है। रूई का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 7521 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि तेलंगाना की मंडियों में इसका भाव केवल 5500 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है।
दूसरी ओर गुजरात में इसका भाव उछलकर 8200 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया है। तेलंगाना की तुलना में गुजरात के किसानों को कपास का काफी ऊंचा दाम प्राप्त हो रहा है।
तेलंगाना के दो सांसद केन्द्र सरकार में मंत्री हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस राज्य के किसानों को कपास का सही मूल्य प्राप्त हो जो गुजरात के उत्पादकों को हासिल हो रहा है।
उनका कहना था कि तेलंगाना सरकार को किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस दिशा में विशेष सक्रियता दिखानी चाहिए। राज्य सरकार ने धान पर 500 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का वायदा किया था लेकिन यह राशि किसानों को नहीं मिल रही है। मालूम हो कि गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना देश का तीसरा सबसे प्रमुख कपास उत्पादक राज्य है।
