तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से कुछ आगे निकला

10-Jul-2025 10:36 AM

हैदराबाद। दक्षिण भारत के एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- तेलंगाना में यद्यपि मानसून की बारिश अपेक्षाकृत कम हुई है लेकिन खरीफ फसलों की बिजाई धीरे-धीरे सुधरते हुए अंततः गत वर्ष से कुछ आगे निकल गई है।

उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन के दौरान इस राज्य में धान, कपास एवं मक्का का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है जबकि दलहन-तिलहन एवं गन्ना की भी पैदावार होती है। कपास के  उत्पादन में तेलंगाना तीसरे नम्बर पर है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 9 जुलाई तक तेलंगाना में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 56.26 लाख एकड़ पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 56.20 लाख एकड़ से 6 हजार एकड़ ज्यादा है।

इसके तहत धान सहित अनाजी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 6.33 लाख एकड़ से उछलकर 10.62 लाख एकड़, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 3.43 लाख एकड़ से सुधरकर 3.72 लाख एकड़ तथा कपास का क्षेत्रफल 35.72 लाख एकड़ से बढ़कर 36.31 लाख एकड़ पर पहुंच गया

और गन्ना के क्षेत्रफल में भी अच्छी वृद्धि हुई लेकिन तिलहनों का रकबा 36.31 लाख एकड़ पर पहुंच गया और गन्ना के क्षेत्रफल में भी अच्छी वृद्धि हुई लेकिन तिलहनों का रकबा 3.23 लाख एकड़ के गिरकर 3.09 लाख एकड़ पर सिमट गया। अन्य फसलों के बिजाई क्षेत्र में भी काफी गिरावट दर्ज की गई। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान राज्य में धान का उत्पादन क्षेत्र 3.65 लाख एकड़ से बढ़कर 5.01 लाख एकड़, ज्वार का रकबा 23 हजार एकड़ से सुधरकर 27 हजार एकड़ तथा मक्का का क्षेत्रफल 2.45 लाख एकड़ से उछलकर 5.34 लाख एकड़ हो गया। 

दलहन फसलों में अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 2.85 लाख एकड़ से बढ़कर 3.28 लाख एकड़ पर पहुंचा मगर मूंग का बिजाई क्षेत्र 43 हजार एकड़ से घटकर 34 हजार एकड़ तथा उड़द का क्षेत्रफल 15 हजार एकड़ से गिरकर 10 हजार एकड़ पर अटक गया।

तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 3.19 लाख एकड़ में फिसलकर 3.08 लाख एकड़ पर अटक गया जबकि मूंगफली एवं अरंडी की खेती अभी सीमित क्षेत्रफल में हुई।

इसके अलावा भी तेलंगाना में कुछ अन्य फसलों, जैसे- तम्बाकू एवं सब्जी आदि की खेती होती है। खरीफ फसलों की बिजाई अभी लम्बे समय तक जारी रहेगी।