तमिलनाडु में पीडीएस के लिए धान की खरीद में 9.26 लाख टन की भारी कमी
02-Sep-2024 07:24 PM
चेन्नई । देश के सुदूर दक्षिणी राज्य- तमिलनाडु में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए 2022-23 के मार्केटिंग सीजन में 44.22 लाख टन धान खरीदा गया था जो 2023-24 के सीजन में 9.26 लाख टन घटकर 34.96 लाख टन पर अटक गया।
कावेरी डेल्टा क्षेत्र के 10 जिलों में धान की खरीद में 4.33 लाख टन तथा राज्य के अन्य भागों में 4.93 लाख टन की गिरावट दर्ज की गई।
धान की कम खरीद होने से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) खाद्य बिल में इजाफा होने की संभावना है क्योंकि एफसीआई अपनी ओर से किसानों से धान की खरीद के लिए वहां मुख्यत: तमिलनाडु सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन पर निर्भर रहता है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय खाद्य निगम को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून एवं अन्य स्कीमों के तहत तमिलनाडु को प्रति वर्ष 37.50 लाख टन चावल की आपूर्ति करनी पड़ती है।
2023-24 के सीजन में खरीदा गया 34.96 लाख टन धान वस्तुतः 23-24 लाख टन चावल के समतुल्य है। इसके फलस्वरूप खाद्य निगम को तमिलनाडु की जरूरत को पूरा करने हेतु अन्य राज्यों से इसकी अतिरिक्त खरीद करने की पड़ेगी।
इस बीच तमिलनाडु खाद्य आपूर्ति निगम द्वारा 1 सितम्बर से 2024-25 के खरीद मार्केटिंग सीजन में किसानों से धान की खरीद के लिए प्रत्यक्ष क्रय केन्द्र खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
धान का संशोधन न्यूनतम समर्थन मूल्य 'ए' ग्रेड के लिए 2450 रुपए प्रति क्विंटल तथा सामान्य श्रेणी के लिए 2405 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया आया है।
पिछले साल कई कारणों से तमिलनाडु में धान का क्षेत्रफल तथा उत्पादन घट गया था जिससे इसकी सरकारी खरीद में कमी आ गई है।
इस बार उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं। राज्य सरकार किसानों से अधिक मात्रा में धान खरीदने की योजना बना रही है।
