तात्कालिक स्थिरता के बाद छोटी इलायची की मांग आगे बढ़ने की संभावना

09-Dec-2024 05:23 PM

कोच्चि । तमिलनाडु एवं केरल में हुई वर्षा से इलायची के दाने की तुड़ाई-तैयारी में कुछ बाधा पड़ी थी और इसकी आवाजाही भी प्रभवित हुई थी मगर अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं। इलायची की फसल पर पहले ही प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम का काफी असर पड़ चुका है जिससे इसका उत्पादन 30-40 प्रतिशत तक घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

इसी तरह सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में भी इलायची के उत्पादन में जोरदार गिरावट आने की संभावना है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता प्रभावित होने वाली है।

मध्य एशिया एवं पश्चिम एशिया के साथ-साथ अन्य मुस्लिम बहुल देशों में भी इलायची में रमजान की जोरदार मांग निकलने की उम्मीद है जिससे कीमतों को कुछ समर्थन मिल सकता है। उस समय घरेलू मांग भी मजबूत रह सकती है। 

इस बीच नीलामी केन्द्रों में माल की सामान्य आवक के बीच खरीदारों की कमजोर मांग से इलायची के दाम पर कुछ दबाव देखा जा रहा है।

पिछले सप्ताह कोच्चि में हुई नीलामी में 54 टन से कुछ अधिक इलायची की बिक्री का ऑफर दिया गया और इसका औसत मूल्य 2950 रुपए प्रति किलो के आसपास रहा।

पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में हुई नीलामी के दौरान लगभग 76 टन इलायची की आवक के सात औसत मूल्य 2984 रुपए प्रति किलो से कुछ ऊपर दर्ज किया गया था।

दिसावरी व्यापरियों एवं निर्यातकों ने उसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी। मसाला बोर्ड के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान मात्रा एवं आय की दृष्टि से छोटी इलायची का निर्यात प्रदर्शन बेहतर बना हुआ है और वर्ष 2025 के पहली तिमाही में इसमें कुछ और सुधार आने के आसार हैं।