थोड़ी-बहुत गिरावट के बावजूद खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता बरकरार

10-Nov-2025 03:58 PM

मुम्बई। यद्यपि 2023-24 की तुलना में 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान खाद्य तेलों के आयात में कुछ गिरावट आई है लेकिन फिर भी इसका कुल आयात काफी ऊंचा रहा और विदेशी तेलों पर भारत की भारी निर्भरता बरकरार रही।

निकट भविष्य में यह निर्भरता कायम रहने की संभावना है क्योंकि जितनी विशाल मात्रा में खाद्य तेलों का आयात हो रहा है उसकी भरपाई अगले कई वर्षों तक स्वदेशी स्रोतों से करना संभव नही हो पाएगा। 

एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के अनुसार 2025 के खरीफ सीजन में तिलहन फसलों का रकबा घट गया और कुछ क्षेत्रों में उसे प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान भी हुआ। इसके तहत सोयाबीन की फसल विशेष रूप से प्रभावित हुई।

इसके फलस्वरूप तिलहनों के कुल उत्पादन में कमी आने की संभावना है जिससे खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता बढ़ सकती है।

रेटिंग एजेंसी के अनुसार भारत में खाद्य तेलों का आयात 2024-25 के सीजन में गिरकर 155 लाख टन पर अटकने का अनुमान है जबकि इसकी मात्रा 2023-24 के सीजन में 160 लाख टन तथा 2022-23 के सीजन में 165 लाख टन के करीब रही थी।

क्रूड खाद्य तेल तथा रिफाइंड खाद्य तेल के बीच आयात शुल्क में काफी अंतर रहने से स्वदेशी रिफाइनिंग उद्योग के लिए अच्छा मार्जिन बना रहेगा।

ज्ञात हो कि जुलाई 2025 से ही देश में रिफाइंड खाद्य तेलों का सीमित आयात हो रहा है जबकि क्रूड खाद्य तेलों का आयात सामान्य बना हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि मई 2025 में केन्द्र सरकार ने क्रूड श्रेणी के सोयाबीन तेल, पाम तेल एवं सूरजमुखी तेल पर प्रभावी आयात शुल्क को 27.5 प्रतिशत से घटाकर 16.5 प्रतिशत निर्धारित कर दिया था लेकिन रिफाइंड संवर्ग के खाद्य तेलों (मुख्यतः आरबीडी पामोलीन) पर 35.75 प्रतिशत के प्रभावी आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया था।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में सोयाबीन तेल का आयात तेजी से बढ़ने के संकेत मिले हैं जबकि ऊंचे भाव के कारण पाम तेल का आयात प्रभावित हुआ है।

एजेंसी के मुताबिक यद्यपि बेहतर उत्पादन की उम्मीद के कारण वर्ष 2026 में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का दाम कुछ नरम पड़ने की संभावना है लेकिन इंडोनेशिया में बायोडीजल निर्माण में उपयोग बढ़ने पर इसकी मांग एवं आपूर्ति का समीकरण जटिल हो सकता है जिससे दूसरी छमाही में भाव तेज होने की संभावना है।