थाईलैंड से चावल का निर्यात 30 प्रतिशत घटकर 21 लाख टन पर सिमटा
28-Apr-2025 08:38 PM
बैंकॉक। चालू वर्ष के दौरान थाईलैंड के निर्यातकों को चावल का निर्यात करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। वर्ष 2025 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान वहां से चावल का कुल निर्यात घटकर 21 लाख टन पर अटक गया जो पिछले साल की समान अवधि के शिपमेंट से करीब 30 प्रतिशत कम था।
चावल की निर्यात आमदनी भी गिरकर नीचे आ गई। इसे देखते हुए वहां वर्ष 2025 के लिए निर्यात लक्ष्य में कटौती करने का प्लान बनाया जा रहा है।
वर्ष 2024 की पूरी अवधि के दौरान थाईलैंड से चावल का निर्यात उछलकर 99.50 लाख टन पर पहुंच गया जो 2023 से 13 प्रतिशत ज्यादा तथा पिछले छह वर्ष का उच्चतम स्तर था। इसकी निर्यात आय भी 27 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 6.434 अरब डॉलर पर पहुंच गई।
दरअसल भारत से सफेद चावल तथा टुकड़ी चावल के व्यापारिक निर्यात पर लम्बे समय तक प्रतिबंध लागू रहने तथा वैश्विक मांग बढ़ने से थाई चावल के शिपमेंट में अच्छी बढ़ोत्तरी हो गई।
लेकिन वर्ष 2025 में परिदृश्य बदलने से थाई चावल के निर्यात में काफी कमी आने की संभावना है। भारत से चावल का निर्यात पूरी तरह स्वतंत्र हो गया है। अमरीका ने थाईलैंड के चावल पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगा दिया है।
थाईलैंड की मुद्रा- बहत मजबूत हो गई है और अन्य प्रतिद्वंदी देशों की तुलना में थाई चावल का निर्यात ऑफर मूल्य ऊंचा चल रहा है। वाणिज्य मंत्रालय एवं चावल निर्यातक संघ ने वर्ष 2025 के लिए 75 लाख टन चावल का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है।
पहली तिमाही में 15 प्रतिशत टूटे सफेद चावल के निर्यात में 53 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आने से कुल शिपमेंट में 30 प्रतिशत की कमी आ गई।
