दलहन आयात खोले जाना किसानों के लिए अच्छा नहीं परन्तु उपभोक्ताओं के लिए सही

17-Mar-2025 08:49 AM

दलहन आयात खोले जाना किसानों के लिए अच्छा नहीं परन्तु उपभोक्ताओं के लिए सही
★ अभी हाल ही में सरकार ने तुवर, उड़द आयात समय सीमा को 31 मार्च 2026 किया साथ ही मसूर पर 10% आयात शुल्क भी लगाया तथा मटर आयात BL डेट 31 मई 2025 की गयी, देसी चना पर निर्णय आना बाकि।
★ उपरोक्त सभी कारणों से विदेशों से बड़ी मात्रा में गत वर्ष हुआ था आयात। जनवरी से दिसंबर तक 66 लाख टन दलहनों का आयात किया गया जिसमें 45% मटर की मात्रा है। पोर्ट पर अभी भी मटर का 8 लाख टन स्टॉक उपलब्ध।
★ मसूर पर आयात शुल्क लगाये जाने का बाजारों पर विशेष प्रभाव नहीं क्योंकि जितना प्रतिशत शुल्क लगाया गया उतना ऑस्ट्रेलिया से डिस्काउंट मिल सकता है। मसूर पर कम से कम 25% शुल्क लगाना चाहिए था।
★ केंद्रीय पूल में मसूर का स्टॉक अच्छा, उत्पादन भी बढ़ा, आयातित माल की उपलब्धता भी अच्छी।
★ कुल मिलाकर मसूर उपलब्धता खपत से अधिक।
★ मटर के कारण कई दलहनों की डिमांड घटी जिसमें मसूर भी शामिल बिना डिमांड के बाजारों का बढ़ना मुश्किल।

महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।