दलहनों के साप्ताहिक स्टॉक विवरण की अनिवार्यता समाप्त हो — व्यापारियों की सरकार से मांग

14-Jul-2025 04:18 PM

नई दिल्ली। देश में दलहन बाजार की गिरती कीमतों और व्यापारिक नुकसान के बीच, दिल्ली ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन (DGMA) के वाइस प्रेसिडेंट गौरव गुप्ता ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि दलहनों के साप्ताहिक स्टॉक अपलोड की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाए।

गौरव गुप्ता के अनुसार, यह नियम उस समय लागू हुआ था जब दलहन के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ऊपर थे। तब सरकार का उद्देश्य जमाखोरी पर अंकुश लगाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना था। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत हो चुकी है।

वर्तमान में तुअर, उड़द, मूंग, मसूर और चना जैसी प्रमुख दालें MSP से नीचे बिक रही हैं। बाजार में न तो स्टॉक होल्डिंग का कोई संकेत है और न ही जमाखोरी की कोई संभावना। इसके बावजूद व्यापारियों और मिलर्स को हर सप्ताह पोर्टल पर स्टॉक अपलोड करना एक अनावश्यक बोझ बन चुका है।

उन्होंने कहा कि जब किसानों को अपनी लागत भी नहीं मिल रही और व्यापारी घाटे में काम कर रहे हैं, तब ऐसी अनुपयोगी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं है। सरकार को चाहिए कि बदलती बाजार स्थितियों के अनुरूप नीति में बदलाव करे और इस नियम को तत्काल वापस ले।

गौरव गुप्ता का स्पष्ट कहना है — अब निगरानी की नहीं, सहयोग और राहत की ज़रूरत है।