दलहन-तिलहन एवं धान का रकबा गत वर्ष से आगे

02-Jan-2026 08:33 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि आयुक्त का कहना है कि रबी कालीन दलहन-तिलहन फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और कुल मिलाकर इसका रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है।

धान की खेती अभी जारी है और दक्षिण भारत में जनवरी 2026 के अंत तक बरकरार रह सकती है। इसका क्षेत्रफल भी पिछले साल से आगे है। 

पिछले सीजन के मुकाबले मौजूदा रबी सीजन के दौरान चना, मसूर एवं सरसों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और मौसम भी हालत अनुकूल रहने पर इसका उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है।

रबी कालीन फसलों की बिजाई अक्टूबर 2025 से ही आरम्भ हो गई थी और फरवरी-मार्च से इसकी कटाई तैयारी शुरू हो जाएगी। 

भारत में दलहनों एवं खाद्य तेलों की विशाल मात्रा का आयात होता है जिस पर प्रति वर्ष अरबो डॉलर खर्च होते है। सरकार इस पर अंकुश लगाने का जोरदार प्रयास कर रही है

लेकिन अभी तक कोई ठोस सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। भारत दुनिया में खाद्य तेलों एवं दलहनों का सबसे प्रमुख आयातक देश बना हुआ है। 

सरसो का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से आगे निकल गया है लेकिन फिर भी इसमें उतनी बढ़ोत्तरी नहीं हुई जिसका अनुमान लगाया जा रहा था ,इसके मुकाबले चना के बिजाई क्षेत्र में ज्यादा इजाफा हुआ है ज्ञात हो कि पिछले सात-आठ महीनो से सरसो का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा था।

इसके मुकाबले चना के दाम में काफी उतार-चढ़ाव आ गया राजस्थान में सरसो और चना-दोनों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और फसल की हालत भी संतोष जनक बनी हुई है जिससे उत्पादन बढ़ने के आसार है।