देसी चना- वर्ष 2025 का रुझान
31-Dec-2025 11:49 AM
देसी चना- वर्ष 2025 का रुझान
★ वर्ष के दौरान देश के प्रमुख मंडियों में चना के भाव में उतार–चढ़ाव तो रहा, लेकिन कुल मिलाकर बाजार एक सीमित दायरे में बना रहा। जनवरी में भाव अपेक्षाकृत मजबूत रहे, जिसके बाद फरवरी–मार्च में आवक बढ़ने और मांग कमजोर रहने से दामों में नरमी देखने को मिली। अप्रैल–मई में आवक घटने और मांग में हल्का सुधार आने से भाव स्थिर हो गए।
★ जून के बाद अधिकांश मंडियों में भावों में हल्की रिकवरी दर्ज की गई, जिसे सीमित स्टॉक और नियमित खपत का समर्थन मिला। हालांकि अगस्त–सितंबर में नई आवक और सतर्क खरीद के कारण भावों पर फिर दबाव देखा गया। साल के अंतिम हिस्से (अक्टूबर–दिसंबर) में चना के भाव सामान्यतः स्थिर से हल्के कमजोर रहे, जो संतुलित मांग और पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है।
★ घरेलू बाजारों में दिल्ली, इंदौर और मुंबई के भाव लगभग एक समान दायरे में रहे और वार्षिक औसत भी करीब-करीब समान रहा। बीकानेर बाजार अन्य मंडियों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक स्थिर बना रहा।
★ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलियाई चना के भाव में साल के दौरान ज्यादा उतार–चढ़ाव देखने को मिला, जहां शुरुआती महीनों में ऊंचे स्तर के बाद बाद के महीनों में नरमी आई। तंजानिया से आने वाले चना के भाव तुलनात्मक रूप से अधिक रहे, लेकिन इनमें ज्यादा उतार–चढ़ाव नहीं देखा गया।
★ कुल मिलाकर, वर्ष भर चना के भाव एक सीमित दायरे में बने रहे। मौसमी आवक, आयात–निर्यात स्थिति और घरेलू मांग ने बाजार की दिशा तय की।
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2026 का रुझान
★ आयात में कमी, चना और मटर पर आयात शुल्क तथा मांग में संभावित सुधार के कारण 2026 में चना के भाव ऊंचे रुख में रहने की संभावना जताई जा रही है।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
