दिसम्बर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर में बढ़ोत्तरी
12-Jan-2026 06:05 PM
नई दिल्ली। सरकारी आंकड़ा सामने आने से पूर्व अर्थ शास्त्रियों ने जो अनुमान व्यक्त किया है उससे पता चलता है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई की दर दिसम्बर में बढ़कर 1.7 प्रतिशत पर पहुंच गई जो पिछले चार महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
एक प्रतिकूल आधार के संरचनागत प्रभाव तथा कुछ खाद्य उत्पादों एवं सोना-चांदी के दाम में हुई वृद्धि के कारण महंगाई दर में इजाफा हुआ। पिछले तीन महीनों में वह पहला अवसर है जब खुदरा महंगाई बढ़कर 1 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई।
भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई के लिए मध्यम अवधि का औसत लक्ष्य 4 प्रतिशत नियत कर रखा है और यह लगातार 11वां महीना रहा जब वास्तविक महंगाई दर इस नियत लक्ष्य से नीचे रही।
दरअसल रिजर्व बैंक ने मध्यम अवधि के लिए महंगाई दर का लक्ष्य 2 से 6 प्रतिशत के बीच निर्धारित कर रखा है जबकि दिसम्बर 2025 की महंगाई दर इसके न्यूनतम स्तर (2 प्रतिशत) से भी नीचे रहने की संभावना है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सीपीआई पर आधारित महंगाई की दर नवम्बर 2025 में 0.71 प्रतिशत तथा दिसम्बर 2024 में 5.22 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
अर्थ शास्त्रियों द्वारा दिसम्बर 2025 में महंगाई दर 1 से लेकर 2.3 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है जो बहुत ऊंचा तो नहीं लेकिन फिर भी पिछले तीन-चार महीनों से ज्यादा है।
केन्द्रीय सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा दिसम्बर 2025 के लिए महंगाई दर का आधिकारिक आंकड़ा आजकल में जारी किए जाने की संभावना है।
दिसम्बर 2025 के दौरान सब्जियों सहित कुछ अन्य खाद्य उत्पादों के दाम में इजाफा हुआ। उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार इस समयावधि के दौरान टमाटर के दाम में 13 प्रतिशत एवं प्याज के मूल्य में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई लेकिन आलू का भाव 4 प्रतिशत घट गया।
दिसम्बर में खाद्य महंगाई में कुछ वृद्धि तो हुई लेकिन यह अप्रत्याशित नहीं रही। रबी फसलों की बिजाई एवं खरीफ फसलों की आवक का जोर रहने से अधिकांश खाद्य उत्पादों का भाव या तो स्थिर या कुछ नरम रहा।
