धान का क्षेत्रफल बढ़ने से चावल का उत्पादन बेहतर होने के आसार

30-Sep-2025 08:39 PM

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की भरपूर बारिश होने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की निश्चित गारंटी होने से उत्साहित किसानों ने इस बार खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न धान की खेती में विशेष दिलचस्पी दिखाई।

इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर इसका उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 441.58 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 435.68 लाख हेक्टेयर से 5.90 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

केन्द्र सरकार ने 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन हेतु धान के न्यूतनम समर्थन मूल्य में 69 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि कर दी है जिससे सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 2369 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड धान का एमएसपी 2320 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 2389 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। किसानों के लिए यह समर्थन मूल्य काफी आकर्षक है और इसलिए उन्होंने इसका उत्पादन क्षेत्र बढ़ा दिया। 

धान की खेती देश के सभी राज्यों में होती है। पहले इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी आगे चल रहा था लेकिन धीरे-धीरे इसमें अंतर सिकुड़ता गया। फिर भी कई राज्यों में इसके रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है।

हालांकि पंजाब में भयंकर बाढ़ के कारण फसल को थोड़ा बहुत नुकसान होने की आशंका है और वहां फसल की कटाई भी देर से आरंभ होने की संभावना है

लेकिन अन्य अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की हालत सामान्य या संतोषजनक है। धान के नई माल की आवक एवं सरकारी खरीद का औपचारिक तौर पर नया मार्केटिंग सीजन 1 अक्टूबर से आरंभ होने वाला है।