धनिए की आवक बढ़ने से कीमतों में भारी तेजी की संभावना कम

26-Feb-2024 08:45 PM

कोटा । राजस्थान एवं गुजरात के प्रमुख इलाकों में अगैती बिजाई वाले धनिया की फसल की कटाई-तैयारी आरम्भ हो चुकी है और मंडियों में इसके नए माल की आवक बढ़ने लगी है।

दूसरी ओर इसका कारोबार एवं उठाव कुछ कमजोर चल रहा है, व्यापार विश्लेषणों के अनुसार आगामी सप्ताहों के दौरान इसक आपूर्ति एवं उपलब्धता नियमित रूप से बढ़ती जाएगी इसलिए निकट भविष्य में इसकी कीमतों में भारी तेजी आने की संभावना नहीं है। घरेलू प्रभाग में मांग सामान्य या कुछ कमजोर है और केवल निर्यात प्रदर्शन के सहारे इसके दाम मे स्थिरता या मजबूती आ सकती है।

राजस्थान के रामगंज मंडी में न केवल नया धनिया आ रहा है बल्कि इसकी मात्रा भी कर्मिक रूप से बढ़ती जा रही है। इस मंडी में औसतन 5000-5500 बोरी धनिए की दैनिक आवक होने लगी है। इसके साथ-साथ 1500-2000 बोरी पुराने धनिए की आवक भी हो रही है।

धनिया का बिजाई क्षेत्र इस बार मध्य प्रदेश में कुछ बढ़ने, गुजरात में काफी घटने एवं राजस्थान में गत वर्ष के लगभग बराबर रहने की सूचना मिल रही है।

कहीं-कहीं फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से थोडा बहुत नुकसान होने की आशंका है। गुजरात मे धानिया का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 2.22 लाख हेक्टेयर से 43 प्रतिशत घट कर इस बार 1.27 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया।  

कमजोर भाव को देखते हुए मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के उत्पादक धनिया की बिक्री करने में ज्यादा जल्दबाज़ी नहीं दिखा रहा है इसलिए वहा इसकी आवक सीमित हो रही है। सभी मंडियों में नए धनिए की आपूर्ति अभी आरंभ भी नहीं हुई है।

धनिया का भाव रामगंज मंडी में 5800/6400 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बताया जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम बहुल देशों में रमजान के लिये धनिए की मांग मजबूत बनी हुई थी। बारां मंडी में भी कीमात स्थिर बनी हुइ है।

लेकिन दिल्ली में इसका दाम 7800/8000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है धनिया का निर्यात प्रदर्शन इस बार शानदार रहा है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले चालू वित्त वर्ष के आरंभिक आठ महीने मे यानी अप्रैल-नंवम्बर 2024 के दौरान धनिया का निर्यात 28,405 टन से उछलकर 81,046 टन पर पहुंच गया जिससे इसकी निर्यात आय 389.64 करोड़ रुपए बढ़कर 685.59 करोड़ रुपया हो गई। इसके बाद भी बेहतर निर्यात की सुचना मिल रही है।