उम्मीद के अनुरूप मई में खाद्य तेलों का आयात बढ़ने का अनुमान

05-Jun-2025 05:42 PM

मुम्बई। दिसम्बर 2024 से अप्रैल 2025 के पांच महीनों में देश के अंदर खाद्य तेलों और खासकर पाम तेल का आयात कम हुआ। इस अवधि के दौरान पाम तेल के मासिक आयात में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई क्योंकि इसका वैश्विक बाजार भाव सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल से ऊपर चल रहा था।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान पाम तेल का औसत मासिक आयात 7.50 लाख टन रहा था जबकि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी नवम्बर 2024 से अप्रैल 2025 के दौरान किसी माह में आयात 5 लाख टन को पार नहीं कर पाया। तीन माह में यह 4 लाख टन से भी कम रहा। 

अंततः निर्यातक देशो की चेतना वापस लौटी और वहां पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य घटने लगा। इससे भारतीय आयातकों की दिलचस्पी इसकी खरीद में बढ़ने लगी।

उद्योग- व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि मई में पाम तेल का आयात बढ़कर 6 लाख टन के आसपास पहुंच गया जबकि जून- जुलाई में आयात और भी बढ़ सकता है। 

दरअसल भारत को पाम तेल का आयात बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हो रही थी क्योंकि पिछले पांच महीनों से आयात कम होने के कारण भारतीय बंदरगाहों पर एवं पाइप लाइन में इसका स्टॉक घटकर काफी नीचे आ गया था

और इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में जटिलता आने की आशंका थी। मई के बेहतर आयात से हालात सुधरने की उम्मीद है। सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का सामान्य आयात भी जारी है।