उपभोक्ता मंत्रालय और पल्सेस इम्पोर्टर्स एसोसिएशन के बीच 20 अक्टूबर को हुई मीटिंग के मुख्य अंश

28-Oct-2023 03:39 PM


★ इस मीटिंग की अध्यक्षता खाद्य सचिव ने की।
★ OAPA के अनुसार म्यामार से जनवरी 2023 से 20 अक्टूबर 2023 तक कुल दलहन निर्यात 5.6 लाख टन हुआ जिसमें से भारत को 5 लाख टन निर्यात किया गया। म्यांमार में 20 अक्टूबर 2023 को 2.5 लाख टन उड़द का स्टॉक उपलब्ध। उड़द की बिजाई अगले 15 दिनों में शुरू होगी।
★ सरकार द्वारा OGL के तहत उड़द का आयात किये जाने से आगामी फसल का उत्पादन 8 लाख टन पहुंचने की उम्मीद।
★ जनवरी 2023 से 20 अक्टूबर तक म्यांमार से 2.5 लाख टन तुवर का हुआ निर्यात, म्यांमार ने 25-30 हजार टन तुवर का स्टॉक उपलब्ध।
★ 2023-24 सीजन में उत्पादन 3-3.5 लाख टन पहुँच सकता है। जिसमें से 2.8 लाख टन भारत को होगा निर्यात।
★ IPGA ने कहा कि गत वर्ष  9 लाख टन आयात में से 6.8 लाख टन आयात अफ्रीकन देशों से हुआ था।
★ मोजाम्बिक पोर्ट पर 1.5-2 लाख टन तुवर का निर्यात कई कारणों से रुका।
★ आल इंडिया दाल मिल एसिसेशन ने कहा कि बारिश की कमी से तुवर व उड़द के उत्पादन में आ सकती है गिरावट। आयात पर आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
★ उड़द की MSP और बढ़ानी चाहिए तथा होलसेलर की स्टॉक लिमिट को 50 टन से बढ़ाकर 150 टन किया जाना चाहिए।
★ तमिलनाडु पल्सेस इम्पोर्टर एसोसिएशन के अनुसार पोर्टों पर 150-200 कंटेनर तुवर (35 हजार टन), 1100 कंटेनर उड़द (70 हजार टन) उपलब्ध।
★ म्यांमार में लगातार तुवर की कीमतें बढ़ना चिंता का विषय।
★ आयातकों द्वारा मंगाई गयी दालों पर लगी स्टॉक लिमिट को 30 दिन से बढ़ाकर 75 दिन करना चाहिए।
★ तूतीकोरिन के आयातकों ने सरकार से अमरीकन मसूर आयात से हटाए गये शुल्क का धन्यवाद दिया तथा हरी और पीली मटर का आयात भी चालू करने को कहा।
★ एक बड़ी कंपनी ने कहा कि महाराष्ट्र में चना का एरिया 20% घट सकता है, अगर उत्पादन घटा तो कीमतों में वृद्धि आ सकती है।