उत्पादन में भारी गिरावट के संकेत से चीनी कंपनियों के शेयर मूल्य में वृद्धि
20-Mar-2025 12:32 PM
मुम्बई। उद्योग- व्यापार क्षेत्र के शीर्ष संगठनों ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 260-265 लाख टन के बीच सिमट जाने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के सकल उत्पादन 319-320 लाख टन से काफी कम है।
शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने चीनी का कुल उत्पादन 264 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की है जबकि मध्य मार्च तक इसके 90.15 प्रतिशत भाग या 238 लाख टन का उत्पादन हो चुका था।
हालांकि लगभग 200 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग अभी जारी है लेकिन उसकी क्षमता के बहुत कम भाग का इस्तेमाल हो रहा है क्योंकि उसे पर्याप्त मात्रा में गन्ना की आपूर्ति नहीं हो रही है। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अधिकांश इकाइयां बंद हो चुकी है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने चीनी का घरेलू उत्पादन 259 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया जो पिछले सीजन के उत्पादन 319 लाख टन से 60 लाख टन कम है। इसके फलस्वरूप मार्केटिंग सीजन के अंत में चीनी का कुल बकाया अधिशेष स्टॉक 79 लाख टन से घटकर 44 लाख टन पर अटक सकता है।
इस्मा ने 54 लाख टन का स्टॉक बचने की संभावना व्यक्त की है लेकिन उसने चीनी की घरेलू खपत 280 लाख टन ही आंकी है जबकि अन्य संगठन 290 लाख टन की खपत आंक रहे हैं। इसके अलावा 10 लाख टन चीनी का निर्यात भी होगा।
उपरोक्त आंकड़ों से प्रतीत होता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान अगले शेष महीनों तक चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल बनी रह सकती है और इसका भाव ऊंचे स्तर पर बरकरार रह सकता है।
इसके फलस्वरूप चीनी उत्पादक फर्मों के शेयर मूल्य में बढ़ोत्तरी होने लगी है तथा आगे इसमें और भी इजाफा हो सकता है।
अप्रैल से गर्मी का प्रचंड सीजन आरंभ होने वाला है इसलिए अगस्त तक चीनी की औद्योगिक मांग काफी हद तक मजबूत बनी रहेगी।
चीनी कंपनियों को बेहतर मुनाफा कमाने तथा अच्छा कारोबार करने का अवसर मिल सकता है। प्रमुख कंपनियों के लाभांश में भी अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
