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02-Nov-2026 01:27 PM
बेलागवी। गन्ना की खेती के लिए मशहूर- उत्तरी कर्नाटक के किसानों ने सरकार पर अपनी मांगों को स्वीकार करने हेतु दबाव डालने के लिए बेलागवी एवं धारवाड़ जिलों में पिछले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग को महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जाम कर दिया। इस 'रास्ता रोको' आंदोलन के कारण सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
किसानों की एक प्रमुख मांग गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य में बढ़ोत्तरी की है। उसका कहना है कि कि लागत खर्च में हो रही भारी वृद्धि को देखते हुए सरकार को गन्ना का मूल्य बढ़ाकर 4500 से 5500 रुपए प्रति टन के बीच नियत करना चाहिए।
रास्ता रोको आंदोलन के दौरान गन्ना किसान बेलागवी बस स्टैंड पर बसों के आगे धरना देकर बैठ गए जबकि धारवाड़ जिले में उसने विभिन्न सड़कों को जाम करने का प्रयास किया। इस आंदोलन का विस्तार विजयपुरा एवं बगलकोट जिले तक देखा गया। किसानों के तेज होते आंदोलन को देखते हुए बेलागवी एवं धारवाड़ के जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने पर प्रतिबंध लगा दिया।
गन्ना किसान चाहते हैं कि उसके उत्पाद का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 5500 रुपए प्रति टन नियत किया जाए और फसल की कटाई-तैयारी तथा ढुलाई का खर्च मिलर्स द्वारा उठाया जाए ताकि उसे एफआरपी का पूरा फायदा प्राप्त हो सके।
इसके अलावा किसानों की यह मांग भी है कि गन्ना का एफआरपी 9.5 प्रतिशत चीनी की औसत रिकवरी दर पर आधारित हो और केन्द्र सरकार एथनॉल सम्बन्धी नीति की समीक्षा करे। बेलागवी जिले में ही गन्ना उत्पादकों ने अपनी मांगों के लिए जारी आंदोलन को समर्थन देने के लिए कर्नाटक बंद का भी आहवान किया।