उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों में 75 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद

19-Aug-2025 09:44 PM

नई दिल्ली। नियमित रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून की अच्छी बारिश होने से उत्तरी क्षेत्र के 11 बांधों-जलाशयों में उसकी कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक बढ़कर 75 प्रतिशत पर पहुंच गया है इसके तहत राजस्थान के जलाशयों में 84 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 73.5 प्रतिशत और पंजाब के बांधों में 69.5 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध है।

उत्तरी क्षेत्र के बांधों में कुल मिलाकर 15.047 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का भंडार मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 19.836 बीसीएम का 75.79 प्रतिशत है। 

बांधों-जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने से आगामी रबी सीजन में वहां गेहूं, चना एवं सरसों सहित अन्य फसलों की खेती के लिए आवश्यकतानुसार पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी।

ध्यान देने की बात है कि जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा का दौर शुरू होने से पूर्व हिमाचल प्रदेश के बांधों में पानी का स्टॉक घटकर 30 प्रतिशत से नीचे तथा पंजाब के जलाशयों में 25 प्रतिशत से नीचे आ गया था। 

उधर देश के पूर्वी भाग में मौजूद 27 बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक सुधरकर 11.860 बीसीएम पर पहुंच गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 21.759 बीसीएम का 54.5 प्रतिशत है।

मिजोरम का एक मात्र जलाशय पानी से लगभग पूरा भर गया है जबकि त्रिपुरा का एक मात्र जलाशय भी पानी से 95 प्रतिशत भरा हुआ है।

भंडारण क्षमता के सपेक्ष बिहार के बांधों में 80 प्रतिशत तथा बंगाल के जलाशयों में 70 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है। बिहार के कई जिलों में घनघोर बारिश हो रही है।

लेकिन उड़ीसा इस मामले में काफी पीछे रह गया है जहां बांधों-जलाशयों में 50 प्रतिशत से भी कुछ कम पानी का स्टॉक उपलब्ध है जबकि नागालैंड के जलाशय में 55.5 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद है।