उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में 10 कीटनाशकों के उपयोग पर प्रतिबंध

16-Sep-2024 01:52 PM

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने बासमती चावल के निर्यात संवर्धन के रास्ते में आने वाली रुकावट को दूर करने हेतु राज्य के 30 जिलों में बासमती धान की खेती में इस्तेमाल किए जाने वाले 10 कीटनाशकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

उत्तर प्रदेश बासमती धान चावल का एक महत्वपूर्ण उत्पादक राज्य है और सरकार इस प्रीमियम क्वालिटी के चावल के निर्यात को बढ़ावा देने तथा इसकी क्वालिटी को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का हर संभव प्रयास कर रही है।

समझा जाता है कि जिन 10 कीटनाशकों का इस्तेमाल हो रहा था उसके अवशेष बासमती चावल में पाए जा रहे थे जिससे इसका निर्यात प्रभावित हो रहा था। अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाने की उम्मीद है। 

ध्यान  देने की बात है कि बासमती धान की फसल में लगने वाले कीड़ों-रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए इन कीटनाशी रसायनों का उपयोग किया जाता था मगर वैश्विक बाजार में इसके इस्तेमाल पर कई देशों ने तो रोक लगा रखी है या इसके अवशेष का स्तर बहुत कम नियत कर रखा है।

एक कीटनाशी रसायन का अवशेष अधिकतम मान्य स्तर से ज्यादा होने के कारण राज्य से बासमती चावल के निर्यात में 15 प्रतिशत की गिरावट आ गई।

केन्द्रीय एजेंसी- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों को सूचित किया था कि यूरोपीय संघ ने बासमती चावल में ट्राई साइक्लाजोल (फफूंदनामक रसायन) के उच्चतम अवशेष का स्तर घटाकर 0.01 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) निर्धारित किया है

और इसलिए इसके अनुरूप ही चावल की क्वालिटी होनी चाहिए। अवशेष ज्यादा होने के कारण यूरोप, अमरीका एवं पश्चिम एशिया में यूपी के बासमती चावल की मांग कमजोर पड़ गई।