उद्योग के पास 54 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का अनुमान

05-Jun-2025 01:20 PM

सीजन के अंत में उद्योग के पास 54 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का अनुमान 

नई दिल्ली। हालांकि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में कम से कम 55 लाख टन की भारी गिरावट आने का अनुमान है लेकिन फिर भी विशाल पिछले बकाया स्टॉक के सहारे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सामान्य देखी जा रही है और कीमतों में भी काफी हद तक स्थिरता बनी हुई है। 

शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा जारी आंकड़ों से ज्ञात होता है कि चालू मार्केटिंग सीजन (2024-25 के आरंभ में यानी 1 अक्टूबर 2024 को उद्योग के पास करीब 80 लाख टन चीनी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि मार्केटिंग सीजन के दौरान लगभग 264 लाख टन का घरेलू उत्पादन होने की संभावना है। इस तरह चीनी की कुल उपलब्धता 344 लाख टन की रहेगी। इसमें से 280 लाख टन की घरेलू खपत होगी और 10 लाख टन का निर्यात होगा। इसे मिलाकर 290 लाख टन चीनी का उपयोग हो सकता है। तत्पश्चात चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास करीब 54 लाख टन चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक बच जाएगा जो आगामी मार्केटिंग सीजन (2025-26) के शुरूआती दो-ढाई महीनों की घरेलू मांग एवं खपत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। 

दक्षिणी कर्नाटक एवं तमिलनाडु में जुलाई-सितम्बर के दौरान गन्ना क्रशिंग के विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें 3.50-4.00 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है। इस्मा के आंकड़े में यह अनुमान भी शामिल है। केन्द्र सरकार द्वारा घोषित मासिक फ्री सेल कोटा के आयात पर 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में चीनी की कुल घरेलू खपत 280 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया गया है।