वर्ष 2025 में भी 65.69 लाख टन दलहनों का विशाल आयात
25-Feb-2026 12:40 PM
नई दिल्ली। हालांकि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 के दौरान भारत में पीली मटर के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई लेकिन देसी चना एवं उड़द का आयात सामान्य से ज्यादा होने के कारण दलहनों के कुल आयात में 5 प्रतिशत से भी कम की गिरावट आ सकी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान देश में कुल 68.75 लाख टन दलहनों का रिकॉर्ड आयात हुआ था जो वर्ष 25 में करीब 3 लाख टन या 4.5 प्रतिशत गिरकर 65.69 लाख टन रह गया। यह आंकड़ा भी बहुत बढ़ा है।
नवम्बर 2025 में सरकार द्वारा पीली मटर के आयात पर 30 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू किया गया जिससे इसके आयात पर असर पड़ा। लेकिन देसी चना एवं उड़द के प्रति भारतीय आयातकों के उत्साह एवं आकर्षण में कोई कमी नहीं देखी गई।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान देश में 29.39 लाख टन पीली मटर का विशाल आयात हुआ था जो वर्ष 2025 में 56 प्रतिशत लुढ़ककर 12.90 लाख टन पर सिमट गया। वर्ष 2025 में कनाडा से सर्वाधिक 8.82 लाख टन पीली मटर का आयात हुआ। इसके बाद रूस से 3.21 लाख टन, लाटविया से 33,532 टन तथा अर्जेन्टीना से 22,261 टन का आयात किया गया।
दूसरी ओर समीक्षाधीन वर्ष के दौरान देसी चना का आयात 3.94 लाख टन से 301 प्रतिशत उछलकर 15.81 लाख टन पर पहुंच गया। इसके तहत अकेले ऑस्ट्रेलिया से 14.23 लाख टन का विशाल आयात हुआ जबकि तंजानिया से 1.48 लाख टन और म्यांमार से 3936 टन चना मंगाया गया।
इसी तरह वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में उड़द का आयात भी 41 प्रतिशत ज्यादा हुआ। वर्ष 2025 में म्यांमार से 8.09 लाख टन तथा ब्राजील से 2.37 लाख टन उड़द का आयात किया गया। मसूर का आयात भी 10.61 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10.60 लाख टन पर पहुंचा।
इसके तहत कनाडा से 5.75 लाख टन, ऑस्ट्रेलिया से 3.91 लाख टन, अमरीका से 37,746 टन, संयुक्त अरब अमीरात से 16,699 टन तथा अन्य देशों से 40,148 टन मसूर का आयात हुआ। इसके अलावा तुवर का आयात भी 12.57 लाख टन से 5.42 प्रतिशत बढ़कर 13.25 लाख टन पर पहुंच गया। मोजाम्बिक से इसका सर्वाधिक 5.20 लाख टन का आयात हुआ जबकि म्यांमार से 3.46 लाख टन, तंजानिया से 3.02 लाख टन, मलावी से 66,805 टन तथा सूडान से 38,525 टन तुवर का आयात किया गया।
