वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 1 फरवरी को ही पेश होने की संभावना

02-Jan-2026 08:38 PM

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल-मार्च) के लिए केन्द्रीय आम बजट पिछले साल की भांति 1 फरवरी 2026 को ही संसद में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। दरअसल इस तारीख पर आशंका इसलिए उत्पन्न हुई थी क्योंकि 1 फरवरी को रविवार पड़ता है और आम तौर पर रविवार को संसद की कार्रवाही बंद रहती है।

उच्च सदस्य सूत्रों का कहना है कि बजट पेश करने की तिथि में बदलाव होने के आसार नहीं है और वित्त मंत्रालय तथा अन्य सम्बद्ध विभागों की तैयारियां नियत कार्यक्रम के अनुरूप ही चल रही है। इस आम बजट को परम्परागत समय पर ही लोकसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। 

इस आग्मे केन्द्रीय आम बजट में वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में राहत दी जा सकती है और एलटीपीजी की टैक्स फ्री सीमा बढाए जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री का ध्यान कर सुधार पर केन्द्रित हो सकता है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बजट में कुछ आवश्यक घोषणा की जा सकती है।

अमरीका में लागू 50 प्रतिशत के ऊंचे टैरिफ का मुकाबला करने में भारतीय उद्योग को समक्ष बनाने के लिए कुछ जरुरी उपायों का प्रावधान किया जा सकता है। इस बजट से मध्यम वर्ग को काफी उम्मीदें हैं और वित्त मंत्री संभवतः उसे पूरी तरह निराश नहीं करेगी।

कृषि क्षेत्र के लिए बजट में अधिक राशि का प्रावधान किया जा सकता है। दलहन-तिलहन मिशन की शुरुआत पहले ही हो चुकी है और इसके लिए उचित धनराशि का आवंटन भी हो चुका है। सरकार इसके घरेलू उत्पादन में वृद्धि के लिए यदि कोई नई योजना घोषित करे तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। 

आम आदमी को महंगाई से राहत देने के लिए वित्त मंत्री कुछ कदम उठा सकती है। आर्थिक बदलावों का घर के बजट पर कुछ हद तक सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। संसद के बजट अधिवेशन के बारे में फिलहाल सरकार ने कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।