वायदा में अच्छी क्वालिटी की हल्दी के कारोबार पर अंकुश लगाने की मांग
19-Aug-2025 06:06 PM
ब्रिसबेन। हल्दी व्यापारियों के संगठन ने एनसीडीईएक्स के प्लेटफार्म पर हल्दी के वायदा कारोबार में हो रही धांधली तथा हेराफेरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सम्बद्ध अधिकारियों से इस पर तत्काल अंकुश लगाने का आग्रह किया है।
सेबी के चेयरमैन, केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय, तेलंगाना के कृषि विपणन विभाग, मसाला बोर्ड, एनसीडीईएक्स तथा एनसीसीएफ को भेजे पत्र में इरोड के हल्दी व्यापारी संघ ने आरोप लगाया है
कि चुनिंदा व्यापारियों के एक समूह ने एनसीसीएफ / एनसीडीईएक्स के कुछ खास अधिकारियों के साथ सांठ करके एक्सचेंज द्वारा अनुमोदित वेयर हाउसों में मराठवाड़ा, दुग्गीराला तथा आसाम जैसे क्षेत्रों की हल्की क्वालिटी की हल्दी का स्टॉक जमा किया है
और उसे गलत ढंग से, निजामाबाद मूल की हल्दी का ठप्पा लगाकर कारोबार के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा है। हल्की या घटिया क्वालिटी की इस हल्दी के स्टॉक का वायदा व्यापार में उपयोग होने से इस महत्वपूर्ण मसाले की कीमतों पर भारी दबाव पड़ रहा है और इसका बाजार छिन्न-भिन्न होने लगा है।
पत्र में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों की तरफ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया है। इसमें कहा गया है कि एनसीडीईएक्स द्वारा मान्यता प्राप्त वेयर हाउस में गुणवत्ता की जांच- पड़ताल किए बगैर कमजोर क्वालिटी की हल्दी के स्टॉक को स्वीकार किया जा रहा है
और उस पर गलत तरीके से 'निजामाबाद मूल' का टैग लगातार उसका कारोबार किया जा रहा है जबकि इस हल्दी का रंग रूप और स्वाद और उसमें करफ्युमिन का अंश वैसा नहीं होता है जैसा निजामाबाद हल्दी का रहता है।
पत्र के अनुसार हल्की क्वालिटी की यह हल्दी वायदा अनुबंधों का आधार तैयार करती है जिससे अच्छी क्वालिटी के माल के कारोबार एवं वायदा मूल्य पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ता है। मूल्य डिस्कवरी में हेराफेरी की जा रही है।
इस गतिविधि से कुछ चुनिंदा व्यापारियों को भारी फायदा हो रहा है जबकि अन्य करोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है। कीमतों में आई इस बनावटी या कृत्रिम गिरावट की वजह से हल्दी के उत्पादकों, ईमानदार व्यापारियों (जो वास्तव में निजामाबाद हल्दी कारोबार करते हैं) तथा निर्यातकों को न केवल भारी नुकसान हो रहा है
बल्कि विदेशों में भारतीय उत्पाद की छवि एवं विश्वसनीयता को गंभीर खतरा भी उत्पन्न हो गया है। एक्सचेंज के प्रति ईमानदार व्यापारियों का विश्वास डगमगाने लगा है। इस गलत गतिविधि पर तत्काल अंकुश लगना चाहिए।
