यूक्रेन में सूरजमुखी की कमी से एक क्रशिंग इकाई हुई बंद
28-Jan-2025 01:32 PM
कीव । काला सागर क्षेत्र में अवस्थित रूस के पड़ोसी देश- यूक्रेन में सूरजमुखी तेल की सबसे प्रमुख उत्पादक कम्पनी को कच्चे माल (सूरजमुखी) के भारी अभाव के कारण अपने एक महत्वपूर्ण क्रशिंग प्लांट में कार्य रोकने को विवश होना पड़ा है।
कम्पनी की एक रिपोर्ट के अनुसार सूरजमुखी सीड की सीमित आवक हो रही है और बाजार में इसका पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है इसलिए जनवरी 2025 में एक प्लांट में क्रशिंग स्थगित कर दी गई जबकि तीन अन्य इकाइयों में दूसरी तिलहन फसलों की क्रशिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
इन इकाइयों में 93 हजार टन सोयाबीन तथा 14 हजार टन रेपसीड की क्रशिंग हुई। अब इन दोनों तिलहनों की भी कमी महसूस होने लगी है जिससे कम्पनी की चिंता और कठिनाई बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि यूक्रेन पहले दुनिया में सूरजमुखी एवं इसके तेल तथा डीओसी का सबसे प्रमुख उत्पादक तथा निर्यातक देश बना हुआ था लेकिन पिछले तीन साल से रूस के साथ भयंकर युद्ध में उलझे होने के कारण वहां सूरजमुखी का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और किसानों को कई क्षेत्रों में खेती-बाड़ी छोड़ने के लिए विवश होना पड़ रहा है। यूक्रेन के जिन इलाकों पर रूस ने कब्ज़ा कर लिया है वहां खेती की हालत बदतर हो गई है।
लेकिन तमाम चुनौतियों एवं कठिनाइयों के बावजूद कम्पनी को चालू तिमाही के दौरान अपने प्लांटों में 9.73 लाख टन तिलहनों की क्रशिंग करने में सफलता मिल गई जो पिछले साल की समान अवधि की मात्रा से करीब 20 प्रतिशत अधिक रही।
यूक्रेन से खाद्य तेलों का निर्यात तिमाही आधार पर 52 प्रतिशत बढ़कर 4.08 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल की तुलना में भी 11 प्रतिशत अधिक रहा।
इसमें 26 हजार टन बोतल बंद खाद्य तेल का निर्यात भी शामिल था। रूसी आक्रमण के कारण यूक्रेन में सिर्फ तिलहनों का उत्पादन ही प्रभावित नहीं हो रहा है बल्कि किसानों को क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों तक अपना उत्पाद पहुंचने में भी भारी कठिनाई हो रही है।
