यूरोपीय संघ, ब्रिटेन तथा अमरीका में पाकिस्तानी चावल के कई शिपमेंट नामंजूर
03-Jul-2024 05:05 PM
कराची । पाकिस्तान के कृषि एवं खाद्य क्षेत्र को अनेक कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहां से सीमित मात्रा में तथा कुछ ही उत्पादन का निर्यात हो पाता है जिसमें चावल सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान पाकिस्तान को चावल के निर्यात से 3.50 अरब डूडलर से अधिक मूल्य की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई।
लेकिन पाकिस्तान के चावल उद्योग के लिए कठिनाइयां बढ़ती जा रही हैं क्योंकि उसके उत्पाद की क्वालिटी अच्छी नहीं होने अथवा उसमें बाहरी तत्वों की ज्यादा मिलावट रहने से यूरोपीय संघ, अमरीका तथा इंग्लैंड (ब्रिटेन) में कई खेपों को नामंजूर कर दिया जाता है।
खाद्य सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता का हवाला देते हुए इन बाजारों में पाकिस्तानी चावल के शिपमेंट को जिस तरह अस्वीकार किया जा रहा है वह पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
वर्ष 2023 में यूरोपीय संघ ने कई बार पाकिस्तान एवं भारत से मंगाए गए बासमती चावल के लिए अलर्ट जारी किया था क्योंकि उसमें कीटनाशी रसायनों के अवशेष मान्य या स्वीकृति स्तर से अधिक पाए गए थे।
पहले भारतीय चावल के शिपमेंट को ज्यादा नामंजूर किया जाता था लेकिन वर्ष 2024 में स्थिति बदल गई और भारत की तुलना में पाकिस्तानी बासमती चावल के लिए अधिक अलर्ट जारी होने लगा है।
इसके अतिरिक्त पिछले तीन वर्षों से यह देखा जा रहा है कि भारत की तुलना में पाकिस्तान के चावल में एफ्लेटोक्सिन और खासकर एफलेटोक्सिन के मामले ज्यादा सामने आए हैं। फंगस या मोल्ड से संक्रमित चावल एफ्लेटोक्सिन का अंश मौजूद रहता है।
पाकिस्तानी बासमती चावल के निर्यातकों को इन बाजारों से काफी उम्मीदें रहती है क्योंकि पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारतीय चावल चावल की जबरदस्त मांग रहती है और वहां पाकिस्तान को इसकी कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है।
