2024-25 सीजन के लिए रबी कालीन खाद्यान्न का उत्पादन लक्ष्य 1645.50 लाख टन नियत

15-Nov-2024 12:41 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के लिए कुल 3415.50 लाख टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें रबी कालीन खाद्यान्न के उत्पादन लक्ष्य की भागीदारी 1645.50 लाख टन या 48 प्रतिशत से कुछ अधिक है। इसमें गेहूं, मोटे अनाज, चावल तथा दलहन का उत्पादन लक्ष्य शामिल है।

खरीफ सीजन की तुलना में रबी सीजन के दौरान मोटे अनाज तथा चावल का उत्पादन कम होता है जबकि दलहनों का उत्पादन ज्यादा होता है। खरीफ सीजन में चावल तथा रबी सीजन में गेहूं मुख्य खाद्यान्न माना जाता है। 

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र के मैदानी इलाकों में 20 नवम्बर तक गेहूं की बोआई का आदर्श समय रहता है और इस अवधि में बिजाई होने पर फसल की उपज दर ऊंची रहती है जबकि इसके बाद जहां खेती होती है वहां उत्पादकता दर में क्रमिक रूप से गिरावट आ जाती है।

अभी पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर एवं दिल्ली में गेहूं की बिजाई जोर शोर से हो रही है लेकिन नियत लक्ष्य तक पहुंचने में लम्बा समय लग सकता है।

20 नवम्बर तक वहां बिजाई का कार्य समाप्त होना मुश्किल लगता है। गेहूं की बोआई मध्य प्रदेश तथा गुजरात में भी आरंभ हो चुकी है। महाराष्ट्र एवं बिहार जैसे राज्यों में जल्दी ही इसकी शुरुआत हो सकती है। 

केन्द्र सरकार ने इस बार 11.50 करोड़ टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। चूंकि इसका खुला बाजार भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा रहा है इसलिए किसानों को उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल सकता है।

वैसे भी सरकार ने अगले मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 2425 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर दिया है जो चालू वर्ष के लिए निर्धारित एमएसपी 2275 रुपए प्रति क्विंटल से 150 रुपए ज्यादा है।

गेहूं के साथ-साथ इस बार चना के बिजाई क्षेत्र में भी इजाफा होने की संभावना है। पिछले रबी सीजन में इसका क्षेत्रफल घट गया था और फसल को प्राकृतिक आपदाओं से कुछ नुकसान भी हुआ था।