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19-Sep-2026 12:36 PM
नई दिल्ली। खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान समाप्त होने के बाद अब सरकार का ध्यान आगामी रबी सीजन पर केन्द्रित हो गया है। रबी फसलों की खेती अगले महीने से आरंभ हो जाएगी। इसी सीजन के दौरान मुख्यत: गेहूं, जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों तथा अलसी की खेती होती है। इसके अलावा ऐसी फसलों की पैदावार भी होती है जिसकी खेती खरीफ एवं रबी-तीनों सीजन में की जाती है। इसमने धान, ज्वार, मक्का, मूंगफली, सूरजमुखी तथा तिल आदि शामिल है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2026-27 के रबी सीजन के लिए कुल 1777.20 लाख टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें 1210 लाख टन गेहूं, 172 लाख टन दलहन तथा 223 लाख टन मोटे / पोषक अनाज के उत्पादन का लक्ष्य शामिल है। दलहन फसलों में 123.30 लाख टन चना तथा 21 लाख टन मसूर के उत्पादन का लक्ष्य नियत किया गया है। इसके अलावा 143 लाख टन सरसों एवं 24.20 लाख टन जौ का उत्पादन लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
उद्योग-व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश को छोड़कर रबी फसलों के अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश कम हुई है जबकि अल नीनो मौसम चक्र की तीव्रता एवं ताकत आगामी महीनों में और भी बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए सरकार द्वारा रबी फसलों के उत्पादन का जो महत्वाकांक्षी लक्ष्य नियत किया गया है उसकी प्राप्ति में संदेह बना रह सकता है।
सरकार ने आगामी रबी सीजन के लिए 167.20 लाख टन, चावल 166.90 लाख टन मक्का तथा 31.90 लाख टन ज्वार के उत्पादन का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। 2025-26 के रबी सीजन में 1206.60 लाख टन गेहूं, 181.10 लाख टन चावल, 200.20 लाख टन मक्का, 18 लाख टन जौ 30.10 लाख टन ज्वार, 125.10 लाख टन चना, 17.60 लाख टन मसूर, 137.70 लाख टन सरसों तथा 7.60 लाख टन मूंगफली का उत्पादन हुआ।