आवंटन के अनुरूप सरकारी गेहूं का वितरण नहीं
15-Apr-2026 05:57 PM
नई दिल्ली। आमतौर पर सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए लाभार्थियों के बीच वितरण के लिए प्रतिमाह करीब 15 लाख टन गेहूं का आवंटन किया जाता है जबकि इस बार तीन माह का राशन एक मुश्त उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 30 लाख टन गेहूं का अतिरिक्त कोटा आंवटित किया गया।
इसका मकसद केन्द्रीय पूल में स्टॉक घटाना और नई खरीद के लिए गोदामों / वेयर हाउसों में जगह खाली करना था। लेकिन सरकार को अपने इस उद्देश्य में पूरी सफलता हासिल नहीं हो सकी। अनेक राज्यों में आवंटन के अनुरूप गेहूं का वितरण नहीं किया जा सका और इसलिए केन्द्रीय पूल में गेहूं के स्टॉक में ज्यादा गिरावट नहीं आ सकी।
दरअसल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र सहित अन्य उत्पादक राज्यों में नए गेहूं की आवक शुरू होने से इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने लगी है और राज्यों को तीन माह के राशन के एक मुश्त गेहूं के स्टॉक को संभालने में कठिनाई हो सकती थी।
ध्यान देने की बात है कि केन्द्रीय पूल में ज्यादा योगदान देने वाले राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में गेहूं फसल की कटाई-तैयारी में इस बार देर हो गई
और इसलिए वहां मार्च 2026 में इसकी सरकारी खरीद की गति बहुत धीमी रही। पंजाब-हरियाणा और बिहार में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद का नया मार्केटिंग सीजन आरंभ हुआ मगर वहां भी सरकारी खरीद अभी जोर नहीं पकड़ पाई है। इस वर्ष सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर किसानों से कुल 303.37 लाख टन खरीदने का लक्ष्य रखा है।
