ग्रीष्मकालीन फसलों का रकबा 69 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

21-Apr-2026 12:36 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 17 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन या जायद फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 69.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 66 लाख हेक्टेयर से 4.4 प्रतिशत अधिक रहा।

यह स्थिति तब है जब सबसे प्रमुख खाद्यान्न धान का रकबा गत वर्ष के 32.30 लाख हेक्टेयर से 7-6 प्रतिशत घटकर इस बार 30.60 लाख हेक्टेयर रह गया। इससे पूर्व 10 अप्रैल को भी धान का उत्पादन क्षेत्र 30.60 लाख हेक्टेयर ही रहा था।

धान की खेती समाप्त हो चुकी है। अन्य जायद फसलों के रकबे में सुधार आया है। उदाहरणस्वरूप समीक्षाधीन अवधि के दौरान फसलों का उत्पादन क्षेत्र 13.50 लाख हेक्टेयर समीक्षाधीन अवधि के दौरान दलहन फसलों का उत्पादन 13.50 लाख से बढ़कर 15.50 लाख हेक्टेयर तथा क्षेत्र 13.50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 15.50 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 7.65 लाख हेक्टेयर से उछलकर 9.14 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मोटे अनाजों के रकबे में भी बढ़ोत्तरी हुई। बिजाई का अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। 

जायद सीजन के दौरान दलहन फसलों के संवर्ग में सर्वाधिक खेती मूंग की होती है। इसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर इस बार 10.70 लाख हेक्टेयर हो गया।

इसी तरह उड़द का बिजाई क्षेत्र भी 38 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.45 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि ज्वार, बाजरा, रागी एवं स्मॉल मिलेट्स के बिजाई क्षेत्र में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। 

तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 19.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 914 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तहत मूंगफली का  बिजाई क्षेत्र 31 प्रतिशत उछलकर 5.51 लाख हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 5 प्रतिशत सुधकर 3.18 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। फसलों की हालत सामान्य बताई जा रही है।