स्टॉक कम होने से ऑस्ट्रेलियाई मसूर के निर्यात की गति धीमी
21-Apr-2026 01:14 PM
मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया से मसूर के बल्क निर्यात की गति धीमी पड़ गई है जिससे संकेत मिलता है कि साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में इसका निर्यात योग्य अधिशेष स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है और विक्टोरिया प्रान्त में भी व्यापारियों / निर्यातकों के पास सीमित स्टॉक बचा हुआ है। कीमतों में स्थिरता के कारण उत्पादक अपने स्टॉक की बिक्री में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया पहले ही भारी मात्रा में मसूर का निर्यात कर चुका है।
लेकिन कंटेनरों में मसूर का निर्यात शिपमेंट अभी जारी है और पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों को इसकी आपूर्ति की जा रही है। निप्पर किस्म की मसूर का निर्यात ऑफर मूल्य 630/660 डॉलर प्रति टन तथा जम्बो श्रेणी का भाव 720/750 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार छोटे दाने वाली मसूर की तुलना में बड़े दाने वाले माल का दाम काफी ऊंचा (90 डॉलर प्रति टन) चल रहा है।
निकट भविष्य में बल्क मसूर के एक कार्गो तथा एक या दो संयुक्त कार्गो का शिपमेंट होने की उम्मीद की जा रही है। इससे प्रतीत होता है कि निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ऑस्ट्रेलिया में मसूर की बिजाई जल्दी ही आरंभ होने वाली है और अगली फसल का परिदृश्य बेहतर नजर आ रहा है। 2025-26 के सीजन में भी वहां मसूर का शानदार उत्पादन हुआ।
साउथ ऑस्ट्रेलिया तथा विक्टोरिया प्रान्त में हाल के दिनों में हुई बारिश से खेतों में खर-पतवार बढ़ गया जिसे हटाने के लिए किसान की दवाइयों का छिड़काव कर रहे है। खेतों की मिटटी में नमी का पर्याप्त अंश मौजूद है इसलिए मसूर की बिजाई में बाधा नहीं पड़ेगी।
