अगले सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन 350 लाख टन होने का अनुमान
03-Jun-2025 01:31 PM
नई दिल्ली। सहकारी चीनी मिलों के शीर्ष संगठन- नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) ने कहा है कि चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में स्वदेशी उद्योग के पास 48.70 लाख टन चीनी का बकाया स्टॉक बचेगा जो अगले मार्केटिंग सीजन के लिए शुरूआती दो महीनों यानी अक्टूबर-नवम्बर 2025 की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा।
फेडरेशन ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी का घरेलू उत्पादन बढ़कर 350 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।
फेडरेशन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए लगता है कि 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास 50 लाख टन से कम चीनी का स्टॉक बचेगा लेकिन फिर भी वह अगले सीजन के शुरूआती दो महीनों की घरेलू जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगा।
मध्य अक्टूबर के बाद गन्ना की क्रशिंग जोर पकड़ने लगती है। इससे चीनी के घरेलू बाजार मूल्य में स्थिरता का माहौल बना रह सकता है और चीनी की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
लेकिन बकाया स्टॉक के अनुमानित आंकड़े में 2 प्रतिशत की घट-बढ़ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि ये आंकड़े केन्द्र सरकार द्वारा मासिक बिक्री के लिए जारी कोटे तथा चीनी मिलों द्वारा दी गई सूचना पर आधारित हैं। फेडरेशन के अनुसार वर्तमान समय में चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य 3880/3920 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर बना हुआ है।
सरकार द्वारा सही समय पर किए गए नीतिगत हस्तक्षेप के कारण कीमतों में स्थिरता का माहौल बरकरार है। सरकार ने एक तरफ 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की तो दूसरी ओर फ्री सेल मासिक कोटे को भी नियंत्रित रखा।
इससे घरेलू बाजार में चीनी की मांग एवं आपूर्ति के बीच प्रभावी ढंग से संतुलन बना रहा। चीनी के उत्पादन में कमी आई लेकिन मांग मजबूत बनी रही।
