अगस्त के आसपास अल नीनो की सक्रियता शुरू होने की संभावना

01-Apr-2026 11:30 AM

तिरुअनन्तपुरम। ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरों ने कहा है कि ला नीना मौसम चक्र अब समाप्त हो गया है और फिलहाल न तो अल नीनो और न ही ला नीना मौसम चक्र सक्रिय है। यह स्थिति अगले दो-तीन महीने तक बरकरार रह सकती है। इस बीच विषुवतीय प्रशांत महासगार में समुद्र तट पर गर्मी नियमित रूप से बढ़ने की संभावना है

और जुलाई तक यह गर्मी (तापमान) अल नीनो मौसम चक्र के अत्यन्त होने के स्तर तक पहुंच सकती है। इसके फलस्वरूप मध्य जुलाई के बाद अल नीनो की सक्रियता बढ़ने लगेगी और अगस्त में यह पूरी तरह सक्रिय हो सकता है।

इससे ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण एशिया तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के मौसम की प्रणाली प्रभावित हो सकती है। इन क्षेत्रों में वर्षा पर असर पड़ सकता है। उधर उत्तरी अमरीका तथा दक्षिण अमरीका महाद्वीप के देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। 

भारत के लिए अल नीनो मौसम चक्र ज्यादा घातक हो सकता है। यहां जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा  वर्षा तथा खरीफ फसलों की सर्वाधिक बिजाई होती है।

अगर इन दो महीनों में वर्षा कम एवं अनियमित हुई तो खासकर धान की खेती पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है जबकि दलहन-तिलहन, मोटे अनाज एवं कपास आदि की बिजाई में भी किसानों को कठिनाई हो सकती है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि अप्रैल का महीना अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है जबकि मई में भीषण गर्मी एवं 'लू' का प्रकोप रहने की आशंका है।

खेतों की मिटटी में नमी का अंश घटता जाएगा जिससे खरीफ फसलों की अगैती बिजाई जून की वर्षा पर निर्भर करेगी। अगस्त-सितम्बर के मौसम पर आगे अपडेट आ सकता है।