अमरीका में भारतीय चावल के आयात को नियंत्रित करने का प्लान

09-Dec-2025 01:24 PM

नई दिल्ली। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत के प्रति अमरीका की तरक्की में कोई कमी नहीं आई है और अब उसने नए क्षेत्रो को निशाना बनाना शुरू कर दिया है अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत को अमरीकी बाजार में अपने चावल की डम्पिंग नहीं करनी चाहिए और अमरीकी प्रशासन इसे नियंत्रित करने का प्रयास करेगा। ऊंचे टैरिफ से इस समस्या का समाधान आसानी से हो जाएगा। 

8 दिसंबर 2025 को अमरीकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हॉउस में कृषक समुदाय एवं कृषि क्षेत्र के अन्य संबध पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज मीटिंग आयोजित की थी जिसमे अमरीका के वित्त मंत्री तथा कृषि मंत्री भी मौजूद थे। इस मीटिंग में राष्ट्रपति ने किसानो के लिए 12 अरब डॉलर की केंद्रीय सहायता की घोषणा की। बैठक के दौरान एक चावल मिल मालिक ने कहा कि अमरीका के दक्षिणी भाग में चावल उत्पादकों को भारी संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि दुनिया के अनेक देश वहां भारी मात्रा में अपना चावल उतार रहे है। 

मीटिंग में जब राष्ट्रपति ने पूछा कि कौन सा देश अमरीका में चावल की डम्पिंग कर रहा है तो उन्हें बताया गया कि ये देश भारत और थाईलैंड है। उधर चीन द्वारा प्यूर्टो रिको मापक देश में चीन का भारी निर्यात किया जा रहा है जबकि वह अमरीकी चावल का परम्परागत रूप से सबसे बड़ा खरीददार रहा है। प्यूर्टो रिको में पिछले कुछ वर्षो से अमरीकी चावल का निर्यात लगभग बंद है। वर्षो से अमरीकी चावल निर्यातकों को निकटवर्ती देशो में अपना माल भेजने में कठिनाई हो रही है। यह आज की समस्या नहीं है मगर इसे दूर करना आवश्यक है। 

राईस मिलर्स का कहना था कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए ऊंचे स्तर के टैरिफ का सुखद परिणाम सामने आ रहा है लेकिन यह काफी नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि मिलर्स और ऊंचा टैरिफ चाहते है उन्होंने पूछा कि क्या भारत को शुल्क में कोई छूट दी जा रही है तो कृषि मंत्री ने कहा कि भारत के साथ व्यापार संधि पर काम किया जा रहा है। ट्रम्प ने कहा कि भारत को चावल की डम्पिंग की इजाजत नहीं दी जाएगी।