अमरीका में टैरिफ घटने से भारतीय चावल निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद

03-Feb-2026 09:03 PM

नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय उत्पादों पर मूल आयात शुल्क (बेशिक कस्टम ड्यूटी या बीसीडी) में 7 प्रतिशत बिंदु की कटौती करते हुए उसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत न्यायत करने की घोषणा की है। संशोधित टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

रूस से खनिज तेल एवं हथियार खरीदने के नाम पर जो 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था उसे हटाने पर निर्णय लिया जाना अभी बाकी है। इस सम्बन्ध में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत और रूस से खनिज तेल की खरीद बंद करने तथा अमरीका और संभवतः वेनेजुएला से भी इसका आयात करने पर सहमत हो गया है।

वैसे भारत की तरफ से ट्रम्प के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क समाप्त हो जाता है और भारतीय उत्पादों पर सिर्फ 18 प्रतिशत का टैरिफ लागू रहता है अमरीकी बाजार में भारतीय चावल और पाकिस्तान की तुलना में प्रतिस्पर्धी हो जाएगा क्योंकि इन दोनों देशों के उत्पादों पर 19-19 प्रतिशत का टैरिफ बना हुआ है। 

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि 18 प्रतिशत का अमरीकी चावल बाजार में भारत को आगे बढ़ने में सहायक साबित होगा और इससे खासकर भारतीय बासमती चावल के निर्यात की गति तेज होगी। टैरिफ के संदर्भ में फिलहाल कुछ भ्रमपूर्ण स्थिति बनी हुई है मगर जल्दी ही तस्वीर स्पष्ट हो जाने की उम्मीद है।