अमरीकी टैरिफ से भारत चीन और वियतनाम सहित अनेक देशों का निर्यात होगा प्रभावित

04-Apr-2025 07:28 PM

नई दिल्ली। वर्ष 2023 में भारत, चीन एवं वियतनाम से अमरीका को जितना निर्यात हुआ उसके 0.1 प्रतिशत से भी कम भाग पर वहां 25 प्रतिशत या इससे अधिक का सीमा शुल्क वसूला गया लेकिन अब स्थिति बदल जाएगी।

अमरीकी राष्ट्रपति ने भारत, चीन, वियतनाम एवं कनाडा सहित दुनिया के 60 से अधिक देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है।

इसकी एक खास विशेषता यह है कि विभिन्न देशों से आयात होने वाले उत्पादों / सामानों पर अलग-अलग दर से सीमा शुल्क लगाया गया है।

उदाहरणस्वरूप भारतीय उत्पादों पर 26 प्रतिशत, पाकिस्तानी सामानों पर 29 प्रतिशत तथा चीन की वस्तुओं पर 34 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू होगा।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत से निर्यात होने वाले अनेक उत्पादों को या तो शुल्क मुक्त रखा गया है या उस पर मामूली शुल्क लागू किया गया है। भारत के लिए बातचीत का रास्ता भी खुला रखा गया है। 

अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था कि विभिन्न देश अमरीकी उत्पादों पर जितना आयात शुल्क लगा रहे हैं, अमरीका उसके मुकाबले आधा शुल्क ही लगाएगा

इसलिए इस शुल्क को पूरी तरह "जैसे को तैसा टैक्स (रेसिप्रोकल टैरिफ) नहीं माना जा सकता है। अमरीका को जो उचित लगा उसने वैसा ही निर्णय लिया। वैसे इससे कुछ देशों की कठिनाई बढ़ सकती है। 

इस टैरिफ में मौद्रिक हेरफेर से उत्पन्न खर्च, अनुचित व्यापार पद्धति एवं सीमा शुल्क तथा अन्य बाधाओं को शामिल किया गया है। भारत पर 26 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया है।

अमरीका का आंकलन है कि भारत में अमरीकी उत्पादों के आयात पर औसतन 52 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है इसलिए वहां से आयातित समानों पर उसका आधा शुल्क लगाया गया है।

इसी तरह चीन के सामानों पर 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ की वस्तुओं पर 20 प्रतिशत तथा, वियतनाम के उत्पादों पर 46 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया गया है।

जिन देशों में अमरीकी उत्पादों पर बहुत कम शुल्क लागू है या जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर है उन्हें इस टैरिफ वृद्धि के दायरे से बाहर रखा गया है।

भारत के लिए जो 26 प्रतिशत का शुल्क आरोपित हुआ है वह एक मुश्त लागू नहीं होगा। शुरूआती दौर में 26 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगेगा और दूसरे चरण में इसे 16 प्रतिशत बिंदु बढ़ाकर 26 प्रतिशत तक पहुंचाया जाएगा।