अधिकांश राज्यों में एमएसपी पर धान की सरकारी खरीद समाप्त

03-Apr-2025 04:58 PM

नई दिल्ली। किसानो से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर केंद्रित पूल के लिए खरीफ कालीन धान की खरीद का अभियान पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, मध्य्प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले ही समाप्त हो चुका था जबकि तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, केरल, महाराष्ट्र एवं उड़ीसा में खरीद की प्रक्रिया मार्च में बंद हो गई। अब केवल पश्चिम बंगाल, आसाम, झारखंड एवं त्रिपुरा जैसे प्रांतो में धान की थोड़ी बहुत खरीद हो रही है इस बीच अब 1 अप्रैल 2025 से रबी कालीन धान की खरीद का सीजन (अभियान) औपचारिक तौर पर आरम्भ हो गया है। केंद्र सरकार ने इस बार रबी सीजन में 157.60 लाख टन चावल के उत्पादन का अनुमान लगते हुए 70 लाख टन  की खरीद का लक्ष्य नियत किया है। 

नवीनतम आधिकारिक आकड़ो के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल की सरकारी खरीद उड़ीसा में 36.40 लाख टन से 10 प्रतिशत बढ़कर 40.10 लाख टन, आंध्रप्रदेश में 14.10 लाख टन से सुधरकर 15.30 लाख टन, पश्चिम बंगाल में 7.80 लाख टन  से दोगुना से ज्यादा उछलकर 17 लाख टन तथा तमिलनाडु में 15 लाख टन से बढ़कर 16 लाख टन पर पहुंच गई। वस्तुतः वहां चावल के समतुल्य धान ख़रीदा गया है। 

दूसरी ओर चावल की खरीद में केरल में 5 प्रतिशत घटकर 1.42 लाख टन तथा महाराष्ट्र में 8 प्रतिशत गिरकर 6.59 लाख टन पर सिमट गई। 

उधर चावल की सरकारी खरीद तेलंगाना में 31.70 लाख टन से बढ़कर 36.20 लाख टन, बिहार में 20.60 लाख टन से उछलकर 26.30 लाख टन तथा उत्तरप्रदेश में 35.80 लाख टन से 8 प्रतिशत सुधरकर 38.60 लाख टन पर पहुंची। मध्य प्रदेश में भी इसकी मात्रा गत वर्ष के 28.20 लाख टन से बढ़कर इस बार 29.20 लाख टन पर पहुंच गई। पंजाब में 124.30 लाख टन से 6 प्रतिशत गिरकर 116.30 लाख टन तथा हरियाणा में 39.50 लाख टन से घटकर 36 लाख टन पर अटक गई थी। पंजाब में 124 लाख टन तथा हरियाणा में 40 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य रखा गया था मगर वास्तविक खरीद इससे काफी कम हुई।